श्रद्धालुओं को बड़ी राहत: कटरा रेल मार्ग डबलिंग के अंतिम सर्वे को मिली हरी झंडी

जम्मू

उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और आस्था से जुड़े रेल रूट में अब एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक की रेल लाइन को डबल करने के लिए अंतिम स्थान सर्वे की मंजूरी दे दी है। यह सर्वे लगभग 77.96 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को कवर करेगा, जो भविष्य में इस मार्ग की कनेक्टिविटी और गति दोनों में बड़ा सुधार लाएगा।

कटरा भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा समय में जम्मू और कटरा के बीच केवल एक सिंगल रेल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों की संख्या सीमित रहती है। एक ही लाइन होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार और संचालन में बाधा आती है, साथ ही नई ट्रेनों को चलाने में भी दिक्कत होती है।

अब, रेल लाइन की डबलिंग से ट्रेनों की संख्या में इजाफा, आवाजाही में तेजी और समय की बचत संभव होगी। इससे न केवल तीर्थयात्रा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय विकास भी गति पकड़ेगा।

 12.59 करोड़ रुपये की लागत से होगा सर्वे
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस सर्वे की अनुमानित लागत करीब 12 करोड़ 59 लाख रुपये होगी। इस फाइनल लोकेशन सर्वे के जरिए निर्माण कार्य की तकनीकी योजना और व्यवहारिकता तय की जाएगी। यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे के अधीन संचालित किया जाएगा।

 क्यों जरूरी हो गया है डबल ट्रैक?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जब से कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत हुई है, देश के अन्य हिस्सों से कटरा तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग काफी बढ़ गई है। डबल ट्रैक के ज़रिए यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ मालवाहक ट्रेनों का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा सकेगा।

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