MP में कांवड़ियों के लिए वीआईपी सत्कार: सुरक्षा, स्वाद और सेवा का विशेष इंतज़ाम

इंदौर
 कांवड़ यात्रा करते-करते अगर आप थक जाएं और आपको आराम करने के साथ स्वादिष्ट व्यंजन चखने का मन करें, तो आपके लिए राज्य सरकार की ओर से तैयार किए गए कांवड़ कैंप में तमाम सुख सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. जहां आपके रहने और खाने से लेकर तमाम व्यवस्था निशुल्क की गई है.

उत्तर प्रदेश की राह पर एमपी

मध्य प्रदेश में अब कावड़ यात्री सरकार के वीआईपी अतिथि होंगे, क्योंकि कांवड़ियों को मोहन यादव सरकार ने खाने पीने से लेकर रहने तक की सुविधा देने का फैसला किया है. जिसकी तैयारियां खंडवा इंदौर मार्ग पर हो गई हैं. दरअसल, श्रावण मास शुरू होते ही शिव के दर्शन के लिए कावड़ यात्रियों की बड़ी संख्या में उज्जैन और ओंकारेश्वर सहित शिव तीर्थों की ओर से यात्रा आरंभ हो चुकी है. लिहाजा उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर सीएम मोहन यादव ने भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद इंदौर जिले में कांवड़ यात्रियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है.

भोजन एवं फलाहार की विशेष व्यवस्था

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कावड़ यात्रियों के लिए राजोदा (सांवेर रोड) और बाईग्राम (खंडवा रोड, महू क्षेत्र) में ठहराव, भोजन और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई हैं. इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन महाकालेश्वर मार्ग पर राजोदा ग्राम में रामा फास्फेट फैक्ट्री के सामने और इंदौर-ओंकारेश्वर मार्ग पर बाईग्राम में वाटरप्रूफ डोम बनाए गए हैं, जिनमें यात्रियों को शयन, भोजन, चाय, फलाहार और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही है. भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगी.

उपवास वाले कांवड़ियों का खास ख्याल

कांवड़ यात्रियों के साथ चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए कैंपों में चाय, रोटी, पूरी, सब्जी, दाल, चावल, खिचड़ी आदि भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं, उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है. उनके लिए फलाहार में मोरधन की खिचड़ी, केले, ककड़ी तथा साबूदाने की खिचड़ी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उपवास वाले यात्री भी बिना कठिनाई के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.

खंडवा रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

श्रावण मास के अवसर पर इंदौर-खंडवा रोड में ट्रक भार वाहक वाहनों की आवाजाही सुबह 8 बजे से रात्रि 9 बजे तक (केवल श्रावण मास हेतु) प्रतिबंधित रहेगी. उक्त वाहन एबी रोड होते हुए सनावद की ओर जा सकेंगे. यह प्रतिबंध केवल भारी मालवाहक वाहनों पर लागू होगा. यात्री बस, कार, जीप, दोपहिया वाहन, दूध-वाहन, एलपीजी गैस सप्लाई, पानी टैंकर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन आदि आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे.

कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, "कांवड़ यात्रा को देखते हुए इंदौर-खंडवा रोड में भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है. इस साल से हम लोगों ने दो जगहों पर कांवड़ियों के लिए सुविधा केंद्र बनाने का फैसला किया है. जहां पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी."

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति