बारिश में तेजी आने के साथ ही सरसों तेल में भी तेजी आई , महंगी हुई आमजन की थाली

भोपाल 

 बारिश में तेजी आने के साथ ही सरसों तेल में भी तेजी आ गई है। इसी माह में ही अब तक सरसों तेल करीब 18 फीसदी महंगा हो चुका है। हालांकि सोयाबीन, सींगदाना, सनफ्लावर जैसे खाद्य तेलों की वजह से सरसों तेल की महंगाई परेशान नहीं कर रही।

इसलिए डिमांड में है ये दोनों आइटम

इन दिनों अचार बनाने की वजह से सरसों तेल की डिमांड ज्यादा है। लेकिन कमजोर फसल, स्टॉक की कमी और आयात नहीं होने से सरसों तेल के भाव ऊपर जा रहे हैं। बिहार, उत्तरप्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों डिमांड के अनुरूप सरसों तेल मंगाना पड़ रहा है। प्रतिदिन 20 टन की खपत थोक कारोबारी कृष्ण कुमार बांगड के अनुसार राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य दिनों में जहां 10 से 12 टन की रोजाना खपत है। 

सूरजमुखी और पॉम ऑयल भी महंगा

खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के डेटा के मुताबिक 14 जुलाई को रिटेल मार्केट में सरसों तेल के दाम 177.56 रुपए प्रति किलो रहा। जो एक साल पहले 140 रुपए प्रति किलो था। यानी एक साल में 27 फीसदी सरसों तेल महंगा हुआ। एक महीने पहले 16 जून को 171.48 रुपए प्रति किलो सरसों तेल का भाव था। सनफ्लावर ऑयल रिटेल मार्केट में 160.41 रुपए प्रति किलो में मिल रहा है जो एक साल पहले 122.25 रुपए प्रति किलो में मिल रहा था। यानी 31.21 फीसदी सूरजमुखी का तेल महंगा हुआ है।

भाव पर एक नजर (थोक मंडी भाव प्रति लीटर)

खाद्य तेल         -1 जुलाई               -17 जुलाई

   सरसों तेल       155-160 रु.         से 175 180 रु.
सोयाबीन तेल      120-125 रु.        से 128130 रु.
    सनफ्लावर –   132-135 रु.         से 135-140 रु.
    पाम तेल –      118-120 रु.         से 128-130 रु.
    सींगदाना       150-160 रु          से 150-160 रु.
    वनस्पति        110-115 रु          से 120-125 रु.

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