अजमेर में भारी बारिश का कहर: सड़कों पर जलभराव, स्कूलों में छुट्टी घोषित

अजमेर

अजमेर जिले में गुरुवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर की तस्वीर ही बदल दी है। रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह 7 बजे तक 64 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कॉलोनियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी भर जाने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए कलेक्टर लोकबंधु ने जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी की घोषणा कर दी।

अजमेर संभाग के मुख्य सरकारी जेएलएन हॉस्पिटल तक बारिश के पानी से अछूते नहीं रहे। अस्पताल के वार्डों में पानी भरने से मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को कठिनाई हुई। अस्पताल परिसर के बाहर भी पानी जमा होने से आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन परिसर में भी पानी भर जाने से यात्रियों को परेशानी हुई। यात्रीगण भारी बारिश के बीच लबालब भरे प्लेटफार्म और परिसर में संभल-संभलकर चलते नजर आए। वहीं, पुष्कर रोड स्थित मित्तल हॉस्पिटल और मुख्य सड़कों पर भी दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इस बीच वाहन चालक बड़ी मुश्किल से अपने वाहन निकालते नजर आए।

शहर के अलवर गेट स्थित सुनहरी कॉलोनी, नगरा क्षेत्र, प्रताप नगर, भट्टा, वैशाली नगर और श्रीनगर रोड जैसे रिहायशी इलाकों की गलियों में भी पानी भर गया। कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। वैशाली नगर क्षेत्र में एक ड्राइवर अपनी टैक्सी की छत पर बैठा दिखा, जो जलभराव की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। बांडी नदी में पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे निचले क्षेत्रों में और अधिक खतरा बढ़ गया है। झरनेश्वर महादेव मंदिर का झरना भी बारिश के चलते बह निकला। स्थानीय लोग इस नजारे को देखने पहुंचे लेकिन प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

अजमेर में भारी बारिश से जलभराव
मौसम विभाग ने शुक्रवार को अजमेर सहित पूरे संभाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और रेड अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि 19 जुलाई को भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि 20 जुलाई को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर लोकबंधु और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। नगर निगम की टीमें जल निकासी के काम में जुटी हुई हैं। वहीं, नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति