महाराष्ट्र से मुंबई अलग करने की बात पर उद्धव ठाकरे का उग्र ऐलान

मुंबई 
महाराष्ट्र में बढ़ते मराठी भाषा विवाद के बीच पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने केंद्र के ऊपर मुंबई के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख नेता ने कहा कि हम तोड़ने की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं लेकिन मुंबई धीरे-धीरे अपना महत्व खो रही है। यहां के उद्योग, धंधों को गुजरात ले जाया जा रहा है। यहां की फिल्म इंडस्ट्री को भी यहां से स्थानांतरित करने की बात चल रही है। ठाकरे ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि मैं यह बात साफ तौर पर कहता हूं कि अगर किसी ने मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की बात की तो हम उसके टुकड़े करेंगे।

मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, "मुंबई के महत्व को कम किया जा रहा है, लेकिन हम ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे। मुंबई देश की वित्तीय राजधानी रही है। इसे देश की वित्तीय राजधानी ही माना जाता है और ऐसा ही रहेगा भी.. इसका बढ़ता महत्व कई लोगों की आंखों में खटकता है।"

ठाकरे ने फिल्म इंडस्ट्री को नोएडा में शिफ्ट करने के योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पर नाम लिए बिना हमला बोला। उन्होंने कहा, "वे मुंबई में स्थित फिल्म उद्योग को कहां स्थानांतरित कर रहे थे? इसे कौन यहां से हटा रहा था? क्या यह सच नहीं है कि इसे हटाने की कोशिश की जा रही है? मुंबई का डायमंड मार्केट किसने छीन लिया? क्या यह सच नहीं है? यहां एक वित्तीय केंद्र स्थापित किया जा रहा था लेकिन आखिर अहमदाबाद को बुलेट ट्रेन कौन दे रहा है? मुंबई के साथ जो भी किया जा रहा है उसे लोग खुले तौर पर देख सकतें हैं, इसमें मुझे कुछ भी अलग से जोड़ने की जरूरत नहीं है।"

आपको बता दें उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी ज्यादा बढ़ गया था क्योंकि फडणवीस ने एक दिन पहले ही खुले तौर पर उद्धव को भाजपा के साथ आ जाने का ऑफर दे दिया था। हालांकि बंद दरवाजों के पीछे दोनों नेताओं की क्या बात हुई है इसकी जानकारी बाहर नहीं आई है।

इन दोनों नेताओं की इस मीटिंग से पहले मुंबई में ठाकरे बंधुओं का एक ऐतिहासिक सम्मेलन भी हुआ था, जिसमें राज और उद्धव ठाकरे ने दशकों के बाद एक साथ मंच को साझा किया था। उस वक्त दोनों नेताओं ने कहा था कि वह मराठी अस्मिता के लिए एक साथ आए हैं और अब एक साथ ही रहेंगे।

 

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