मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दो दिवसीय प्रबंधन कैम्पिंग प्रशिक्षण सम्पन्न

भोपाल
मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा 17 एवं 18 जुलाई को सीहोर जिले के वन मण्डल अंतर्गत ग्राम कठौतिया ईको जंगल कैम्प में दो दिवसीय गंतव्य स्थल प्रबंधन एवं कैम्पिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ईको पर्यटन स्थल पर कार्यरत समिति सदस्यों को रोजगार के नये आयाम विकसित करना, स्थल पर आने वाले पर्यटकों को वन एवं वन्य-जीव पर्यावरण के संबंध में शिक्षित करना और स्थल के आसपास के सभी गाँवों को वनों को संरक्षित करने के लिये जागरूक करना है। प्रशिक्षण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ईको पर्यटन विकास बोर्ड डॉ. समिता राजौरा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया।

प्रशिक्षण में 12 ईको पर्यटन से आये 49 सदस्यों ने लिया भाग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 12 ईको पर्यटन गंतव्य स्थलों, जिनमें सापना ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल दक्षिण बैतूल, मगरपाठ व कठौतिया ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल सीहोर, बोदाखो व समर्धा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल भोपाल, चिड़ीखो अभयारण्य वन मण्डल राजगढ़, देलावाड़ी ईको पर्यटन स्थल रातापानी टाइगर रिजर्व, उमरीखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल इंदौर, देवखो कूनो वन्य-प्राणी अभयारण्य, चारखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल खण्डवा, पनपथा ईको पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व और खिवनी अभयारण्य वन मण्डल देवास से आये कुल 49 सदस्यों, वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक, समिति अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सदस्य ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

ईको पर्यटन की गतिविधियों को समझाया
प्रशिक्षण के पहले सत्र में ईको पर्यटन समिति का गठन एवं संचालन, समिति सदस्यों की चयन प्रक्रिया, समिति गठन की प्रक्रिया, समिति सदस्यों तथा अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का दायित्व एवं कर्त्तव्य, प्रत्येक माह में समिति की बैठकों का रजिस्टर संधारण, संघर्ष प्रबंधन, सेवा प्रदाता का चयन और कानूनी अनुपालन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे सत्र में अतिथि सत्कार प्रबंधन, अतिथि रवानगी, स्टोर प्रबंधन, किचन प्रबंधन, कैम्प साइड प्रबंधन, टॉयलेट प्रबंधन, तीसरे सत्र में साइड प्रबंधन, साफ-सफाई एवं स्वच्छता प्रबंधन, बुनियादी सुविधा, भण्डार प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन, ट्रेकिंग एवं कैम्पिंग आदि के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। ईको पर्यटन के अंतर्गत गतिविधियों में प्राकृतिक पथ-भ्रमण, पक्षी-दर्शन, विलेज वॉक, रात्रि जंगल वॉक, साहसिक गतिविधि, सेल्फी पाइंट और बैलगाड़ी की सैर इत्यादि शामिल है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिये गये।

 

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