सदी की अनोखी खगोलीय घटना: 6 मिनट तक अदृश्य रहेगा सूरज

 

एक अत्यंत विशेष और दुर्लभ खगोलीय घटना के लिए तैयार हो जाइए।  एक वक्त ऐसा आएगा जब 6 मिनट के लिए सूरज गायब हो जाएगा, दिन में भी पूरा अंधेरा हो जाएगा।  यह 21वीं सदी के सबसे लंबे और महत्वपूर्ण सूर्यग्रहणों होगा, जिसका बेसर्बी से इंतजार किया जा रहा है।  खास बात तो यह है कि अगले 100 साल तक यह नजारा नहीं देखने को मिलेगा।

यहां दिखाई देगा ग्रहण
 2 अगस्त 2027 को  6 मिनट 23 सेकंड (जो इसे 21वीं सदी के सबसे लंबे ग्रहणों में से एक बनाता है) तक सूर्यग्रहण रहेगा।  यह ग्रहण विशेष रूप से उत्तरी अफ्रीका: मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया, सऊदी अरब और यमन में देखा जाएगा। भारत के कुछ पश्चिमी हिस्से (जैसे गुजरात और राजस्थान में आंशिक रूप) से नजर आएगा।

 पूर्ण सूर्य ग्रहण क्या होता है?
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, जिससे दिन में भी अंधेरा हो जाता है। भारत में यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा, विशेषकर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में। हालांकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होगा भारत के अधिकांश हिस्सों में, लेकिन ग्रहण का प्रभाव और धार्मिक महत्व बना रहेगा।
 
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
सूर्य ग्रहण का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा-पाठ, भोजन, स्नान आदि के नियमों का पालन किया जाता है। गर्भवती महिलाओं और रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। सूतक काल ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले आरंभ होता है। अभी तक इतिहास का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण 743 ईसा पूर्व हुआ था, जब 7 मिनट 28 सेकंड के लिए अंधेरा छा गया था।

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