पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया पौधरोपण को पुनीत कार्य

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में 1.74 लाख पौधरोपण

रायपुर,

बालोद जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वन महोत्सव कार्यक्रम में एक लाख 74 हजार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बालोद जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इस पुनीत कार्य में शामिल सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। समारोह में  शर्मा ने वृक्षारोपण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया और उपस्थित जनसमूह को ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने तथा उनकी देखभाल एवं सुरक्षा की समुचित उपाय सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।

  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे माताओं और बहनें जब कोई संकल्प ले लेती है, तो उस संकल्प को पूरा करके ही छोड़ती है। उन्होंने इस कार्यक्रम मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि जब हम रोजमर्रा के कार्यों के अलावा जन कल्याण के पुनीत भावना को लेकर जनहित में इस प्रकार के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने का बीड़ा उठाते है तब वह कार्य सभी के लिए आदर्श एवं प्रेरणादायी बन जाता है। इस पावन कार्य का लाभ हमारी आने वाली पीढ़ी को चीरकाल तक मिलता रहेगा। इस मौके पर उन्होंने वेबएक्स के माध्यम से पौधरोपण के कार्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया।       

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप उसका दुष्प्रभाव मानव जाति के अलावा संपूर्ण जीव-जगत पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पुराणों में उल्लेख किया गया है कि एक पेड़ लगाने के पुनीत कार्य को दस पुत्रों के बराबर माना गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रत्येक नागरिक जुड़ने की अपील की। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद भोजराज नाग सहित सभी अतिथियों, आमनागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अपनी-अपनी माताओं के नाम से पौध रोपण किया।    

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि गुरूर विकासखण्ड भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल जोन में शामिल है। भविष्य में आने वाली भूजल संकट से निपटने हेतु बालोद जिले में जल जतन अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल संचय भागीदारी के कार्य में बालोद जिला पूरे देश में तीसरा स्थान पर है। उन्होंने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों के अलावा भिलाई स्टील प्लांट, निको, आईसीआईसीआई बैंक, राइस मिल ऐसोसिएशन सहित सभी स्वयं सेवी संस्थाओं एवं उनके प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।      

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, पूर्व विधायक  बिरेन्द्र साहू एवं प्रीतम साहू, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति