श्रावण सोमवार को महाकालेश्वर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, गूंजे जयकारे

उज्जैन
 श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती हुई, इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चलित भस्मारती के दर्शन किए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्त मंदिर में उनके दर्शन पाने को उमड़ रहे हैं। शहर के हरसिद्धि मंदिर, गढ़ कालिका मंदिर, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए भी भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं।

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास का उल्लास छाया है। श्रावण मास के दूसरे रविवार को मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए ढाई लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। भस्म आरती में भी 6616 दर्शनार्थियों ने चलायमान दर्शन व्यवस्था का लाभ लिया। कम समय में सुविधा से भगवान महाकाल के दर्शन कर भक्त खुश नजर आए।

श्रावण के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही मध्यप्रदेश के शिवालयों में भक्त पहुंच रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्वस्तिवाचन कर पट खोले गए। कर्पूर आरती के बाद नंदी का स्नान, ध्यान, पूजन किया गया।

भगवान महाकाल का जल अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, आभूषण, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष के साथ-साथ सुगंधित फूलों की माला भगवान महाकाल ने धारण की। फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

शाम चार बजे जगतपिता महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव भी महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। सुबह साढ़े 10 बजे तक यहां 85 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच रहे हैं।

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। रात से ही कांवड़ यात्रियों की भी कतारें लगी हैं। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, रायसेन के भोजपुर में भोजेश्वर महादेव में भी श्रद्धालु शिवशंकर के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है।

सुबह 4:30 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन

महाकाल मंदिर समिति द्वारा भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या का निर्धारण हेडकाउंटिंग मशीन द्वारा किया जाता है। मंदिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जुलाई रविवार को तड़के 3 बजे भस्म आरती में 6 हजार 616 भक्तों ने चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शनकिए। तड़के 4.30 बजे आरती संपन्न होने बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होने तक निरंतर चलता रहा।

मंदिर प्रशासन की जानकारी के अनुसार तड़के 4.30 से शाम 6 बजे तक 2 लाख 21 हजार 737 भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद रात 11 बजे पट बंद होने तक भक्तों की संख्या ढाई लाख को पार कर गई थी। 21 जुलाई को श्रावण का दूसरा सोमवार व भगवान महाकाल की सवारी होने से दर्शनार्थियों की संख्या औरअधिक रहने का अनुमान है।

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