युवतियों को जाल में फंसाकर धर्मांतरण और निकाह: पूछताछ में उजागर हुआ गैंग का पूरा प्लान

 आगरा
आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी… 

अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई। 

एसबी कृष्णा ने किया खुलासा 
गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे।

फिर करने लगी ये काम 
मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी।

बंधक बनाकर रखी गई थी युवती 
पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया।

गिरोह का है चरणबद्ध तरीका
1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे।

2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।
 

3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है।

4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति