सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है।

प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं।

प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है।

इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति