एम्स भोपाल में सिंगरौली के मरीज की जान बची, पीएम एयर एम्बुलेंस बनी संजीवनी

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंदों को कष्ट के समय में सहायता के लिए एयर एम्बुलेंस की सौगात दी है। यह सुविधा एक बार फिर लाभकारी सिद्ध हुई है। राज्य सरकार ने सेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्हें पीएम एम्बुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट करके भोपाल लाया गया और उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती करवाकर जीवन रक्षा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक इस सेवा का लाभ गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रसत नागरिकों को दिलवाने के प्रति सजग रहें। जिन व्यक्तियों को इस सेवा की जरूरत है, उनके परिजन भी इसका लाभ लेने के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जहां जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है। अब तक 17 जिलों के रोगियों को कठिन समय में एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुश्किल वक्त में यह सुविधा काफी महंगी होती है और गरीबों को संबल स्वरूप राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में एयर एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है। मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा एयर लिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के मरीज संदीप सिंह की समय पर मदद करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है।

एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया

पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी व आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है और जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए निशुल्क हवाई परिवहन सेवा, और राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है।

यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।

 

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