राजस्थान में बम धमकी से हड़कंप: जयपुर एयरपोर्ट और CMO बने निशाना

जयपुर

राजधानी जयपुर में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरपोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल मिला। इस ई-मेल में जयपुर एयरपोर्ट को विस्फोटकों से उड़ाने की बात कही गई थी, साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भी एक-दो घंटे में निशाना बनाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और एयरपोर्ट परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

एयरपोर्ट पर सघन तलाशी अभियान
धमकी भरा ई मेल मिलते ही सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। एयरपोर्ट टर्मिनल, एप्रन एरिया, पार्किंग स्थल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की गहन जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की बरामदगी नहीं हुई है। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य है लेकिन अतिरिक्त चेकिंग और निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय को उड़ाने की धमकी, प्रशासन सतर्क
ई-मेल में केवल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल में स्पष्ट तौर पर लिखा गया कि एक-दो घंटे में सीएम ऑफिस को भी उड़ा दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सीएमओ और उसके आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है। सभी संदिग्ध गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

साइबर सेल कर रही जांच
एयरपोर्ट प्रशासन ने धमकी भरे ई मेल की जानकारी तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मेल की सत्यता और स्रोत की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो सका है कि मेल किसी आतंकी संगठन की ओर से भेजा गया है या किसी शरारती तत्व की साजिश है। फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। मेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

लगातार मिल रहे हैं धमकी भरे ई मेल
गौरतलब है कि 2025 में अब तक बम विस्फोट की यह 16वीं धमकी है। अकेले मई महीने में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को चार बार निशाना बनाया जा चुका है। इसके अलावा कई बार स्कूल, अस्पताल, होटल, मेट्रो स्टेशन और अदालतों को भी धमकियां मिल चुकी हैं। इन धमकियों के अधिकतर मामले फर्जी साबित हुए हैं, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को पूरे संसाधनों के साथ सतर्कता बरतनी पड़ी है। करीब पांच दिन पहले भी माहेश्वरी गर्ल्स स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद 3500 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इससे पहले 30 मई को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन, 2 कोर्ट परिसरों मेट्रो कोर्ट और फैमिली कोर्ट में बम की झूठी धमकी दी गई थी। वहीं 8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी भी दी गई।  इस ई-मेल में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी की गई थी।

सचिवालय में बढ़ाई सुरक्षा
एक बार फिर धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जयपुर के प्रशासनिक दफ्तरों में भी हलचल तेज हो गई है। सचिवालय में पुलिस की टीम पहुंच गई है और यहां की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में BDS, SDRF की टीम तैनात है।

अफवाहों से बचें, सहयोग करें
जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन और पुलिस विभाग ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें। सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसके लिए चौतरफा सतर्कता बरती जा रही है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति