मौसम का मिजाज बिगड़ा: यूपी-उत्तराखंड में झमाझम बारिश के आसार

नई दिल्ली

दबाव के प्रभाव की वजह से उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, पू्रवी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 26 जुलाई, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात में 26 व 27 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को भारी से बहुत भारी बरसात होने वाली है। इसके अलावा, मध्य भारत, पश्चिमी तटों पर अगले तीन दिनों तक मॉनसून काफी एक्टिव रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है।

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार में 26-30 जुलाई, विदर्भ, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 26-28 जुलाई और एक अगस्त, झारखंड में 29-31 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है। ओडिशा में 31 जुलाई को भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में 27 जुलाई, केरल, माहे में 27-30 जुलाई, तटीय कर्नाटक में 26-1 अगस्त, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में 26 और 27 जुलाई, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 26-29 जुलाई, आंध्र प्रदेश, यनम में 26 जुलाई को भारी बरसात होगी।

उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई, उत्तराखंड में 27 और 28 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 26-30 जुलाई के बीच बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, जम्मू कश्मीर में 28-30 जुलाई, हिमाचल प्रदेश में 27-30 जुलाई, उत्तराखंड में 26 जुलाई से एक अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ में 28 और 29 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई, राजस्थान में 26-31 जुलाई के बीच भारी बरसात होने की संभावना है।

भारी बारिश से केरल के विभिन्न हिस्सों में व्यापक क्षति

केरल के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण व्यापक क्षति हुई है और नदियों एवं बांधों में जलस्तर बढ़ गया है। इसके मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सात जिलों- अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड के लिए शनिवार सुबह तीन घंटे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। कोझिकोड के विभिन्न हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और कई मकान और वाहनों को नुकसान पहुंचा। बिजली की तार और खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसी तरह की घटनाएं कोट्टायम और कन्नूर जिलों से भी सामने आई हैं। वायनाड जिले में बाणासुर सागर और पलक्कड़ जिले में स्थित अलियार बांध के फाटक खोल दिए गए हैं। इन जलाशयों के पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

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