कोरोना काल के बाद भी नहीं चुकाया बिल, बिजली विभाग ने काटे हजारों कनेक्शन

जबलपुर

जबलपुर में कोरोना काल के दौरान बिजली बिलों की वसूली पर मिली राहत का कई उपभोक्ताओं ने गलत फायदा उठाया और महामारी समाप्त होने के बाद भी बिलों का भुगतान नहीं किया। अब मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर शहर में तीन दिनों के भीतर करीब आठ हजार विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं। इनमें करीब 4,700 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी सितंबर 2023 से बिलों का भुगतान नहीं किया था।

  कोरोना काल में मिली थी अस्थायी राहत
मई 2020 से अगस्त 2023 तक राज्य सरकार ने बिजली बिलों को अस्थायी रूप से निलंबित कर रखा था। इस अवधि में जबलपुर शहर के 81,201 घरेलू उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया। उस समय की बकाया राशि करीब 24.94 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। लेकिन कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी 7,151 उपभोक्ताओं ने अपने बिलों का भुगतान नहीं किया, जिससे बिजली कंपनी को सख्ती बरतनी पड़ी।

23 जुलाई से शुरू हुई थी विशेष मुहिम
बिजली कंपनी ने 23 जुलाई से बिल वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पहले दिन 474 कनेक्शन फिजिकल तौर पर काटे गए। दूसरे दिन 3,629 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिमोट से काटे गए। तीसरे दिन कंपनी ने 3,800 से अधिक कनेक्शन काटे, जिनमें फिजिकल और रिमोट दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया गया।

सैकड़ों उपभोक्ता अब भी लापरवाह
बिजली कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे दिन जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए, उनमें से करीब 500 उपभोक्ता कोरोना काल के बाद भी लगातार लापरवाही बरतते रहे, जबकि शेष 3,300 से अधिक उपभोक्ता सामान्य घरेलू श्रेणी के थे, जिन्होंने बिजली बिल नहीं चुकाया।

  कनेक्शन काटने के बाद उपभोक्ताओं में मचा हड़कंप
तीन दिनों में की गई इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, अब वे जल्द से जल्द भुगतान कर कनेक्शन पुनः चालू कराने की कोशिश में जुटे हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान करने पर कनेक्शन बहाल कर दिए जाएंगे, लेकिन आगे से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  बकायेदारों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी के सिटी एसई संजय अरोरा ने बताया कि यह अभियान सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े बकायादारों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो उपभोक्ता बकाया बिल का भुगतान करने के लिए आगे आएंगे, उन्हें उचित प्रक्रिया के तहत राहत दी जा सकती है, लेकिन जानबूझकर बिल न चुकाने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

  उपभोक्ताओं को चेतावनी
बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अगर उपभोक्ता समय पर बिलों का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके कनेक्शन काटे जाएंगे और बाद में पुनः जोड़ने पर अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा। कंपनी का लक्ष्य है कि इस अभियान से राजस्व की वसूली हो और भविष्य में उपभोक्ता समय पर भुगतान के लिए प्रेरित हों।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति