मनसा देवी मंदिर में दर्दनाक हादसा: सीएम ने जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा

हरिद्वार

उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर में रविवार को भगदड़ मच जाने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी तथा करीब तीन दर्जन लोग घायल हो गए। इस घटना पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 6 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।  

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की मदद
प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये एवं घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं। जां में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सुबह करीब 9 बजे के आसपास मंदिर परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे। देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

भगदड़ में छह लोगों की मौत
आप को बता दें कि उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर में रविवार को भगदड़ मच जाने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी तथा करीब तीन दर्जन लोग घायल हो गए। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने से छह लोगों की मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि 35 से अधिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनमें से कुछ को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर किया गया है ।

श्रद्धालुओं के सकुशल होने की सीएम ने की प्रार्थना
डोबाल के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ मची। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी वाले मार्ग पर सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई । राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने एक सोशल मीडिया मंच पर ‘पोस्ट' साझा करते हुए कहा कि मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिवादन दल (एसडीआरएफ), स्थानीय पुलिस तथा अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं स्थानीय प्रशासन के निरंतर संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।'

 

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