प्रतीक मिश्रा की बढ़ती नज़दीकियां, क्या योगी मंत्रिमंडल में मिल सकती है जगह?

लखनऊ 

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सियासत में कुछ तो बड़ा होने जा रहा है, क्योंकि लगातार सियासी मुलाकात का दौर दिल्ली से लखनऊ तक जारी है. यूपी के टॉप थ्री नेताओं की दिल्ली में बीजेपी हाईकमान के साथ बैठकें हो चुकी हैं और अब लखनऊ में सियासी हलचल जारी है. बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 31 महीने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. उसके बाद अब शनिवार को उनके दोनों बेटे विधायक प्रतीक भूषण और सांसद करण भूषण ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. 

बृजभूषण परिवार की सीएम योगी से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट के विस्तार को लेकर चर्चा तेजी से चल रही है. माना जा रहा है कि सूबे में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है, जिसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है तो कुछ नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है. ऐसे में बृजभूषण सिंह भी अपने बेटे प्रतीक भूषण को यूपी सरकार में मंत्री बनवाने की पटकथा लिखने में जुट गए हैं.

बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी के दिग्गज नेता हैं और छह बार लोकसभा सांसद रहे हैं, लेकिन कभी मंत्री नहीं बन सके. बृजभूषण के एक बेटे करण भूषण सिंह कैसरगंज सीट से लोकसभा सांसद तो दूसरे बेटे प्रतीक भूषण गोंडा सदर सीट से दूसरी बार बीजेपी के विधायक हैं. बृजभूषण सिंह की राजनीतिक कोशिश अपने बेटे को मंत्री बनाकर मजबूत तौर पर स्थापित करने की है, जिसके लिए एक के बाद एक तीन अहम मुलाकातें हुई हैं, जिससे साफ समझा जा सकता है? 

सीएम योगी से मिला बृजभूषण परिवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पिछले मंगलवार यानी 22 जुलाई को मुलाकात की थी. पूर्वांचल के दो दिग्गज नेताओं की 31 महीने के बाद मुलाकात हुई थी. बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि उन्हें सीएम योगी ने बुलाया था, वो उनके बुलावे पर उनसे मिलने गए हैं. योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं तो मुख्यमंत्री से मिलते रहना चाहिए. बृजभूषण सिंह के बाद दो दिन पहले शनिवार को लखनऊ में जनप्रतिनिधियों की बैठक में आए प्रतीक भूषण और करन भूषण में सीएम योगी आदित्‍यनाथ से मुलाकात की.

बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच करीब तीन वर्षों से सियासी रिश्ते सही नहीं चल रहे थे. 2019 लोकसभा चुनाव के बाद से दोनों नेताओं को एक साथ किसी मंच पर नहीं देखा गया था. 2022 के चुनाव के बाद दोनों नेताओं की आपसी बातचीत भी बंद हो गई थी. लेकिन अब फिर से दोनों नेताओं की सियासी केमिस्ट्री बनती दिख रही है.  

केशव मौर्य से प्रतीक भूषण की मुलाकात 
बृजभूषण शरण सिंह की सीएम योगी से मुलाकात के दूसरे दिन उनके बेटे प्रतीक भूषण ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके आवास पर लखनऊ में मुलाकात की थी. अब शनिवार को सीएम योगी से प्रतीक और करन भूषण ने मुलाकात की. बृजभूषण शरण सिंह के दोनों बेटे- प्रतीक और करण की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है, जिसकी फोटो सांसद करण भूषण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात किया और क्षेत्र के विकास प्रस्ताव पर मार्गदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त किया. 

बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण बहुत की रणनीति के साथ कदम बढ़ा रहे हैं. सीएम योगी और डिप्टीसीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ सियासी बैलेंस बनाकर चल रहे हैं. यूपी में बीजेपी की राजनीति योगी-केशव के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है. यही वजह है कि बृजभूषण सिंह का परिवार सीएम योगी के साथ-साथ केशव मौर्य के साथ भी तालमेल बनाकर चल रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि बृजभूषण सिंह के बेटे प्रतीप भूषण अपने मंत्री पद की रास्ते के सभी अड़चने दूर कर लेना चाहते हैं. 

बृजभूषण अपने बेटे को मंत्री बनवाने में जुटे
पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह क्या अपने बेटे प्रतीक भूषण को मंत्री बनाये जाने को लेकर सियासी पटकथा लिखने में जुटे है. इसी के चलते 31 महीने के बाद सीएम योगी से मिलने पहुंचे थे. असके बाद ही बृजभूषण के बेटे केशव प्रसाद से मिले और फिर सीएम योगी से मुलाकात की. पिछले दिनों प्रतीक भूषण  को मंत्री बनाएं जाने के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने आजतक से कहा था कि यह मुख्यमंत्री और पार्टी का निर्णय होता है.

मंत्री पद का फैसला सीएम योगी के पाले में बृजभूषण सिंह ने डाल दिया है और अब प्रतीक भूषण का केशव-योगी से मुलाकात करने को उसी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. बृजभूषण सिंह कह चुके हैं कि उनके बेटे प्रतीक भूष भविष्य में जरूर मंत्री बनेंगे. राजनीति में मेहनत, लगन, जनता से जुड़ाव और सेवा कार्य सबसे जरूरी चीज है. ऐसे में आने वाले दिनों में प्रत्येक भूषण को योगी कैबिनेट का हिस्सा बनाया जाता है तो कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होगी क्योंकि इसके लिए बैटिंग उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह पहले ही कर चुके हैं.

प्रतीक भूषण के मंत्री बनने की पटकथा
यूपी में बहुत जल्द योगी सरकार के मंत्रिमंडल का फेरबदल होने जा रहा है. ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह को अपने बेटे के लिए मौका भी दिखाई दे रहा है. बृजभूषण सिंह छह बार लोकसभा सांसद रहे हैं, लेकिन बाहुबली की छवि के चलते कभी मंत्री नहीं बन सके. उनके बड़े बेटे प्रतीक भूषण गोंडा से दूसरी बार विधायक हैं.बृजभूषण सिंह अपने सियासी जीवन में भले ही मंत्री नहीं बन सके, लेकिन अपने बेटे को मंत्री बनते देखना चाहते हैं. बृजभूषण सिंह के यह मौका सबसे बेहतर नजर आ रहा है.  

बृजभूषण सिंह का अपना सियासी प्रभाव कई जिलों में है, जिसके चलते उन्हें लगता है कि प्रतीक भूषण अगर मंत्री बन जाते हैं तो राजनीतिक रसूख बढ़ जाएगा. पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के दिल्ली से रिश्ते ठीक हैं. बीजेपी नेतृत्व के साथ बेहतर सियासी समीकरण है और अगर सीएम योगी आदित्यनाथ से भी रिश्ते मधुर हो जाते हैं तो कैबिनेट में विधायक बेटे के लिए जगह बन सकती है. ऐसे में प्रतीक भूषण जिस तरह से योगी से लेकर केशव मौर्य तक से सियासी तालमेल बनाने में जुटे हैं, उसके जरिए साफ समझा जा सकता है. 

योगी सरकार में प्रतीक को मिलेगी जगह?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए योगी कैबिनेट विस्तार की योजना बनाई है, जिस तरह 2022 से पहले बीजेपी ने योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार करके राजनीतिक समीकरण साधन का दांव चला है. बृजभूषण का सियासी आधार देवीपाटन क्षेत्र में माना जाता है, जहां पर करीब 20 से 22 विधानसभा सीटें आती हैं. बीजेपी का यह इलाका मजबूत गढ़ माना जाता है, बिना बृजभूषण शरण सिंह का विश्वास में लिए बगैर बीजेपी को अपना दबदबा बनाए रखना आसान नहीं है. 

बृजभूषण सिंह के सियासी प्रभाव को देखते हुए बीजेपी प्रतीप भूषण को योगी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है. बीजेपी अगर योगी सरकार में प्रतीक भूषण को मंत्री बनाती है तो बृजभूषण शरण सिंह खुलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में उतर सकते हैं. बृजभूषण ने बीजेपी के लिए खुलकर प्रचार प्रसार किया तो कई विधानसभा सीटों पर बीजेपी मजबूत स्थिति में हो जाएगी. ऐसे में देखना है कि बीजेपी बृजभूषण सिंह को मंत्री बनाने का दांव चलती है कि नहीं? 

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