मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला: सीनियर इंस्पेक्टर दया नायक को रिटायरमेंट से 2 दिन पहले मिला प्रमोशन

मुंबई 

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच में सीनियर इंस्पेक्टर दया नायक को रिटायरमेंट से 48 घंटे पहले डिपार्टमेंट ने प्रमोशन दिया है. अपराध जगत और महाराष्ट्र पुलिस में अपराध जगत के नाम से चर्चित रहने वाले दया नायक को अब प्रमोट कर एसीपी (Assistant Commissioner of Police) बना दिया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दया नायक जिनका प्रमोशन मंगलवार को हुआ है वह गुरुवार को पुलिस सेवा से रिटायर होने वाले हैं. 

मुंबई पुलिस महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत आती है. दया नायक का प्रमोशन होम डिपार्टमेंट ने ही किया है. दया नायक के अलावा मुंबई पुलिस के तीन और सीनियर इंस्पेक्टरों को प्रमोशन दिया गया है. इनके नाम हैं- जीवन खारत, दीपक दल्वी और पांडुरंग पवार.

दया नायक ने 1995 में मुंबई पुलिस ज्वाइन किया था. वे अभी क्राइम ब्रांच की बांद्रा यूनिट में तैनात हैं. लेकिन मुंबई पुलिस में उनकी पहली तैनाती जुहू पुलिस स्टेशन में हुई थी. 

90 का दशक, मुंबई का माहौल और दया की एंट्री

याद करिए 90 के दशक का वो दौर. 1993 में मुंबई ब्लास्ट से न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरा भारत हिला हुआ था. मुंबई में अंडरवर्ल्ड की धाक पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही थी. गैंगवार की घटनाएं आम थी. रंगदारी, धमकी और हत्याओं से शहर का माहौल असुरक्षित हो गया था.   

इसी दौरान उनकी एंट्री मुंबई पुलिस में हुई. अपराधियों से दया नायक की जल्द ही भिडंत हुई. 1996 में उन्होंने छोटा राजन गैंग के दो गुर्गों विनोद मटकर और रफीक को दक्षिण मुंबई में ढेर किया. मीडिया में उसकी चर्चा हुई. उनकी दिलेरी, फुर्ती की चर्चाएं पुलिस सर्कल के अलावा अंडरवर्ल्ड में भी हुई. 

1997 में दया ने अंधेरी में एक और हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर में छोटा राजन के करीबी सतीश राउत को मार गिराया. इस ऑपरेशन में उनकी सटीक सूचना और त्वरित कार्रवाई ने पुलिस महकमे में उनकी साख बढ़ाई. 

1998 तक दया नायक मुंबई पुलिस में जाना-पहचाना नाम बन चुके थे. उन्होंने कई छोटे-बड़े अपराधियों को निशाना बनाया. इनमें सरगना दाऊद इब्राहिम गैंग के भी कुछ गुर्गे थे. उनकी खुफिया सूचना, खबरियों का नेटवर्क और सटीक प्लानिंग ने उन्हें कई अपराधियों को निपटाने में मदद की. 

1990 के दशक के अंत तक दया नायक का नाम अंडरवर्ल्ड में भय का पर्याय बन चुका था. 

दया नायक के करियर पर बॉलीवुड में एक फिल्म "अबतक छप्पन" भी बनी है. इसमें दया नायक का किरदार नाना पाटेकर ने निभाया है. लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार दया नायक 84 एनकाउंटर में शामिल रहे हैं. 90 के दशक के बाद 2000 के दशक में भी दया नायक ने मुंबई पुलिस के कई ऑपरेशन में अहम रोल अदा किया. 

2006 में जांच के घेरे में आए दया 

2006 में दया नायक पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप लगाए. एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक मराठी अखबार में खबर छपी कि दया नायक ने अपने पैतृक गांव येनहोले में अपनी मां राधा नायक के नाम पर एक हाई-टेक स्कूल बनवाया. इसके उद्घाटन में अमिताभ बच्चन, सुनील शेट्टी जैसे सितारे शामिल हुए. 

आरोप है कि प्रोजेक्ट पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, सवाल उठा कि सब इंस्पेक्टर की नौकरी करने वाले शख्स ने इतना पैसा कहां से पाया. उन पर अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगा. 

इस दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा. लेकिन ACB उनके खिलाफ आरोप पत्र नहीं दाखिल कर पाई और उन्हें जमानत मिल गई. 

बाद की जांच में नायक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला और आखिरकार उन्हें बरी कर दिया गया. 

कई हाई प्रोफाइल केस सुलझाए

दया नायक ने  महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) में भी काम किया और वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2021 में अंबानी आवास की सुरक्षा से जुड़े केस की जांच की थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दया नायक कुछ सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में भी शामिल रहे हैं. इनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों द्वारा अभिनेता सलमान खान के घर पर गोलीबारी, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और एक घुसपैठिए द्वारा अभिनेता सैफ अली खान पर हमला शामिल है. 
 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति