कार्यों में लेट-लतीफी को लेकर कलेक्टर चतुर्वेदी ने ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए

रायपुऱ

जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कार्य में लापरवाही और धीमी प्रगति पर विभागीय अधिकारियों एवं कार्यरत ठेकेदारों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने 9 ठेकेदारों के टेंडर निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए तथा कहा कि जल जीवन मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, सहायक कलेक्टर अक्षय डोसी सहित जिले के समस्त एसडीओ, सब इंजीनियर्स एवं ठेकेदार उपस्थित थे। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि मिशन मोड में संचालित इस योजना के तहत सभी ठेकेदार अपने कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। प्रत्येक माह कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा भौतिक सत्यापन के आधार पर वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। जहां कार्य अपूर्ण या धीमी गति से पाए जाएंगे, वहां अनुबंध की शर्तों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों ने कार्य अधूरा छोड़ दिया है या जिनकी प्रगति अत्यंत धीमी है, उनके टेंडर तत्काल निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। 

समीक्षा बैठक में 9 ठेकेदारों के विरुद्ध टेंडर निरस्तीकरण एवं ब्लैकलिस्टेड के निर्देश दिए गए, जिनमें मे. गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी, मे. जितेश्वर साहू, मे. अजय सेल्स, मे. मुकुल मन्नत कंस्ट्रक्शन, मे. आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन, रायगढ़, दुर्गेश चंद्रा, मे. हरिकृष्णा कंस्ट्रक्शन, मे. हीरादेवी, जांजगीर-चांपा, मे. के.पी. राठौर, जांजगीर-चांपा शामिल है। 

कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उन्हें तत्काल हैंडओवर किया जाए। उन्होंने कहा कि सीईओ जनपद एवं विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा स्थलों का भौतिक सत्यापन कर, निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य पूर्ण पाए जाने पर पंचायतों को हैंडओवर की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित की जाए। बैठक में फील्ड में आ रही समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कुछ स्थलों पर जल स्रोत की अनुपलब्धता के मद्देनज़र कलेक्टर ने विभाग को बोर खनन के माध्यम से जल स्रोत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सोलर विलेज योजनाओं में क्रेडा द्वारा किए जाने वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर फंक्शनल नल कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि एक ही स्थान पर सिंगल और मल्टी विलेज स्कीम के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए दो बार खुदाई की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए दोनों योजनाओं के ठेकेदार समन्वय कर एक बार में कार्य पूर्ण करें। कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश एवं केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाली योजना है, जिसमें सभी संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी। कार्यों की गति, गुणवत्ता और प्रभावी क्रियान्वयन शासन की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति