नर्सिंग शिक्षा पर संकट के बादल: MP के सैकड़ों कॉलेज बिना मान्यता, छात्रों का भविष्य अधर में

भोपाल
 मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का नया सत्र बड़ी दुविधा के साथ शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के 350 से अधिक नर्सिंग कॉलेज अब तक मध्यप्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) से मान्यता नहीं ले पाए हैं, जिससे छात्रों के एडमिशन पर संकट मंडरा रहा है।

नर्सिंग में दाखिले की पात्रता परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है, लेकिन मान्यता प्रक्रिया पूरी न होने से हजारों विद्यार्थी असमंजस में हैं। कॉलेज प्रबंधन से लेकर छात्र-छात्राएं तक, सभी परेशान हैं कि आखिर कब तक प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी।

क्यों नहीं मिली मान्यता?

हर साल नर्सिंग कॉलेजों को अपनी मान्यता का नवीनीकरण कराना होता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः 14 जुलाई तक पूरी हो जाती है, जिसके बाद नए शिक्षा सत्र के लिए एडमिशन शुरू होते हैं। लेकिन इस बार नर्सिंग काउंसिल की धीमी कार्यप्रणाली और निरीक्षण रिपोर्टों की देरी के कारण मान्यता प्रक्रिया अब तक लंबित है।

नतीजतन, जुलाई के अंत तक पहुंचने के बावजूद कॉलेजों को न ही मान्यता मिली है और न ही उन्हें नए छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति।

छात्रों की चिंता बढ़ी

हाल ही में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (PNST) का परिणाम जारी किया गया है। इस परीक्षा में 60,707 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से 17,450 अभ्यर्थी सफल हुए हैं।

प्रदेश में बीएससी नर्सिंग की करीब 20,000 सीटें हैं, लेकिन अगर मान्यता प्रक्रिया में और देरी हुई, तो छात्रों को इन सीटों पर प्रवेश नहीं मिल पाएगा। इससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है।

नर्सिंग काउंसिल का क्या कहना है?

मध्यप्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल के चेयरमैन मनोज कुमार सरियाम ने कहा कई जिलों से निरीक्षण की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मान्यता दी जाएगी। हमारी कोशिश है कि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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