प्रेम की राह में मजहब नहीं बना दीवार, मंदिर में शादी कर शिफा ने अपनाया नया जीवन

खंडवा

मध्यप्रदेश के खंडवा में एक प्रेम कहानी ने धर्म के बंधनों को तोड़कर नया अध्याय लिखा। छतरपुर की शिफा राइन ने अपने प्रेमी राहुल वर्मा के लिए इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाया और शान्वी वर्मा बनकर महादेवगढ़ मंदिर में सात फेरे लिए।
राहुल से हुआ था प्यार

शिफा और राहुल की मुलाकात छतरपुर में हुई थी। दोनों का प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ा, लेकिन धर्म का अंतर उनके रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती था। शिफा ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू संस्कृति और देवी-देवताओं से प्रभावित थीं। उनके सपनों में माता रानी और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता था, जिसने उनके मन में सनातन धर्म के प्रति आस्था जगाई।

शिफा ने जब राहुल से शादी का फैसला लिया, तो उन्होंने खंडवा के प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर को अपनी मंजिल चुना। यूट्यूब पर इस मंदिर की महिमा सुनकर शिफा ने यहां आने का मन बनाया। मंदिर के पुजारी पंडित अश्विन खेड़े ने शिफा का प्रायश्चित हवन करवाया और विधि-विधान से उन्हें सनातन धर्म में शामिल किया। इसके बाद शिफा ने अपना नाम शान्वी वर्मा रखा।

अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे

शान्वी और राहुल ने महादेव को साक्षी मानकर पाणिग्रहण संस्कार पूरा किया। वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने अग्नि के सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। शान्वी ने कहा, 'सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान देखकर मेरा मन यहां खींचा चला आया। मां सीता और मां पार्वती की पूजा ने मुझे प्रेरित किया।'

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