भोपाल मेट्रो का शुभारंभ और पीएम मित्र पार्क धार का करेंगे भूमिपूजन जल्द निर्धारित होगी तिथि

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मिल रहा आशीर्वाद सभी प्रदेशवासियों के लिए उत्साहवर्धक है। प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और धार में आरंभ होने वाले प्रधानमंत्री मित्र पार्क के भूमिपूजन में स्वयं उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करने की मौखिक सहमति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रदेश के किसान सम्मान कार्यक्रम में भी सहभागिता के लिए अनुरोध किया है। इन तीनों कार्यक्रमों के लिए शीघ्र ही प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तिथि निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति