‘इसकी हेलमेट, उसके सिर’ – इंदौर में सड़कों पर नया जुगाड़, किराए पर मिल रहा सुरक्षा कवच

इंदौर 

 इंदौर में 1 अगस्त से प्रशासन के आदेश के बाद बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर सख्त रोक लगा दी गई है। अब पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट आए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है, जिससे शहर में ऐसे कई नजारे दिखने लगे, जो प्रशासन के नियम को धता बता रहे है। लोग इसकी हेलमेट उसके सिर की तर्ज पर पेट्रोल भरवा रहे है। बांगड़दा के पेट्रोल पंप पर हेलमेट नहीं पहन कर आए एक दोपहिया वाहन चालक ने पेट्रोल नहीं देने पर कर्मचारियों से विवाद भी किया। 

कई लोग पेट्रोल भरवाने के लिए दूसरों से हेलमेट उधार मांग रहे हैं या आसपास खड़े लोगों का हेलमेट पहनकर केवल नियम पूरा कर रहे हैं।कुछ पेट्रोल पंपों के पास लोग 10-15 रुपये किराए पर हेलमेट देने लगे हैं ताकि ग्राहक पेट्रोल भरवा सकें।

कई पंपों पर बेरिकेडिंग की गई है।सिर्फ जिनके पास हेलमेट है, उन्हें ही पेट्रोल पंप परिसर में जाने दिया जा रहा है।इस नए नियम के चलते हेलमेट की बिक्री अचानक बढ़ गई है, लोग फुटपाथों पर हेलमेट बेचने लगे हैं। यह बात भी सामने आई कि सायकल हेलमेट, खिलौना हेलमेट, किराए की हेलमेट जुगाड़ अपना पर भी कई जगह पेट्रोल भरवाने लोग जा रहे है।

इंदौर में छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पेट्रोल पंप के बाहर एक व्यक्ति हेलमेट पहने खड़ा था। वह बगैर हेलमेट पेट्रोल भरवाने आने वाले लोगों से पूछ रहा था कि हेलमेट चाहिए क्या। लोग लोग हेलमेट लेने के लिए तैयार हो रहे थे, वह उनसे दस रुपये मांग रहा था।

परदेशीपुरा पेट्रोल पंप पर संचालक ने बेरिकेड लगवा दिए। जिनके पास हेलमेट है। उन्हें भी बेरिकेड के भीतर जाने दिया जा रहा है। इस पंप से कुछ दूरी पर दो युवक हेलमेट दस रुपये में किराए पर दे रहे है, लेकिन वे पैसे नकद ले रहे है, ताकि कोई अधिकारी पकड़े तो उनके पास पैसे लेने के सबूत न रहे। इस पंप पर एक युवक सायकल के साथ पहनी जाने वाली हेलमेट पहन कर आ गया, लेकिन वह उसके सिर से बार-बार गिर रही थी। उसे भी कर्मचारियों ने पेट्रोल नहीं दिया।
 
भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवाने जाना है

पेट्रोल भरवाने के लिए वाहन चालक अपने आस पड़ोसियों से, रिश्तेदारों से हेलमेट उधार मांग रहे है। वे यह बोलते नजर आ रहे है कि भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवा कर लाना है।

ज्यादातर ई स्कूटर वाले बगैर हेलमेट के घूम रहे

इंदौर में 40 हजार से ज्यादा ई बाइक व स्कूटर है। वे घर से ही अपना वाहन चार्ज करते है,हालांकि शहर में भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन है, लेकिन वहां के लिए प्रशासन की तरफ से स्पष्ट आदेश नहीं है। इस कारण बगैर हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक अपने वाहन चार्ज कर रहे है।

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