बाढ़ का खतरा बढ़ा: भारी बारिश से 260 बांधों पर चादर, चार जिलों में अलर्ट जारी

जयपुर

राजस्थान में भारी बारिश ने कई जिलों में आफत खड़ी कर दी। लेकिन मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होने से बीते 24 घंटों के दौरान बारिश का दौर हल्का पड़ा है। हालांकि इससे उमय में तेजी आई है। शनिवार को जयपुर,कोटा, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में दिन भर आसमान साफ रहा। कई दिनों बाद खुलकर धूप निकली। हालांकि शनिवार को उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के कुछ जिलों गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू व कोटा में हल्की बारिश दर्ज की गई।

बीकानेर, हनुमानगढ़ और भरतपुर में बारिश के चलते मकान गिर गए। हादसों में तीन लोगों की मौत भी हो गई। वहीं नागौर में उफनती लूणी नदी में एक स्कॉर्पियो गाड़ी ढूब गई। प्रदेश में अब तक सामान्य से 80 प्रतिशत से अधिक वर्षा हो चुकी है। मानसून सीजन में  औतस 424 एमएम बारिश होती है वहीं एक जून से अब तक प्रदेश में 407 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है और अभी मानसून सीजन खत्म होने में करीब 2 महीने का वक्त है। प्रदेश के बांधों की स्थिति की बात करें तो छोटे और मध्यम श्रेणी के 264 बांधों पर चादर चल चुकी है। वहीं 23 बड़े बांधों में से 8 बांध पूरी तरह भर चुके हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश के आंकड़े इस प्रकार रहे। बारां के छीपाबड़ौद में सबसे ज्यादा 24MM बरसात पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात बारां जिले के छीपाबड़ौद में 24MM दर्ज हुई। भीलवाड़ा के कोटड़ी में 10MM, गंगानगर के लालगढ़ में 14MM, झुंझुनूं के मलसीसर, पिलानी में 6-6MM, सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में 6MM, कोटा में 9.6MM और हनुमानगढ़ के फेफाना में 10MM बरसात दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ अभी अपने नॉर्मल पॉजिशन से उत्तर की तरफ फिरोजपुर, अंबाला, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गोरखपुर होकर गुजर रही है। ट्रफ के खिसकने से राजस्थान में अगले कुछ दिन बारिश का दौर हल्का रहेगा।

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