नंतनाग में खुदाई के दौरान मिलीं प्राचीन हिंदू मूर्तियां, 2000 साल पुरानी होने की संभावना

 अनंतनाग 

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में खुदाई के दौरान शिवलिंग समेत तमाम प्राचीन हिंदू मूर्तियां बरामद की गई हैं। शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि यह मूर्तियां ऐशमुकाम के सलिया इलाके में करकूट नाग इलाके में बरामद की गई हैं। यह इलाका कश्मीरी पंडितों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां के पंडित आमतौर पर इस इलाके को करकूट वंश से जोड़ते हैं, जिसके बारे में ककहा जाता है कि इस वंश ने 625 से 855 ई.पू. तक कश्मीर पर शासन किया था। यह जिला मुख्यालय से लगभग 16 किमी दूर है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस जम्मू-कश्मीर राज्य का लोक निर्माण विभाग यहां पर एक झरने के जीर्णोद्धार का काम कर रहा था, इसी दौरान मजदूरों को यह मूर्तियां मिली हैं। झरने की खुदाई में 11 शिवलिंगों सहित कुल मिलाकर 15 प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। एक स्थानीय चैनल के मुताबिक इन मूर्तियों के ऊपर कई देवताओं के चित्र उत्कीर्ण हैं। यह सभी क्षतिग्रस्त मूर्तियां एक प्राचीन मंदिर का हिस्सा मानी जा रही हैं, जो दशकों पहले यहां मौजूद था।

अधिकारियों ने बताया कि इन मूर्तियों के बरामद होने की सूचना मिलते ही राज्य अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधिकारी यहां दौरे पर आए और उन्होंने इनकी जांच की। इन मूर्तियों के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए इनको श्रीनगर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को एसपीएस म्यूजियम में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जहां पर रिसर्चर इनकी जांच करेंगे।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति