कार बिक्री में गिरावट से ऑटो सेक्टर पर असर, त्योहारी सीजन से उम्मीदें बरकरार

मुंबई 

जुलाई 2025 में भारत में कारों की मांग में हल्की सुस्ती देखने को मिली है। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री इस महीने भी तेजी पकड़ने में नाकाम रही। लगातार दो महीनों की गिरावट के बाद जुलाई में थोक बिक्री में सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खुदरा बिक्री यानी ग्राहकों को डिलीवरी अभी भी दबाव में रही। देश की प्रमुख सात कार कंपनियों ने मिलकर जुलाई में लगभग 3,29,113 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो घरेलू बाजार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से चार कंपनियों की बिक्री या तो स्थिर रही या घट गई।

भारी बारिश और कमजोर ग्राहक भावना ने बढ़ाई मुश्किलें
जुलाई में ऑटो डीलरों ने बताया कि तेज बारिश और बाजार में नकदी की कमी के कारण कारों की बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया धीमी रही। कई कंपनियों द्वारा छूट और ऑफर के बावजूद ग्राहक खरीदारी से बचते रहे। इस वजह से डीलरों के पास औसतन 53 दिनों का इन्वेंटरी स्टॉक बना रहा, जो सामान्य से अधिक है।

मारुति सुजुकी की बिक्री स्थिर, उम्मीदों में बढ़ोतरी
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जुलाई में 1,37,776 यूनिट्स डीलरों को भेजे, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर हैं। जून में कंपनी की बिक्री पिछले 18 महीनों में सबसे कमजोर थी, इसलिए जुलाई की स्थिरता को राहत माना जा रहा है। कंपनी के बिक्री प्रमुख पार्थो बनर्जी ने बताया कि Wagon R की मांग में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है और आने वाले त्योहारों का सीजन इस कार की बिक्री को और बढ़ावा देगा। मारुति के मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट में जनवरी के बाद पहली बार तेजी देखी गई है, जो सकारात्मक संकेत है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने SUV सेगमेंट में बढ़त बनाई
एसयूवी सेगमेंट में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी ने जुलाई में लगभग 50,000 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है।

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति