राठौड़ का कटाक्ष: गहलोत भूल सकते हैं, पर पायलट की याददाश्त तेज है

जयपुर

राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है।

राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई।

भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।

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