निर्माण कार्य बना मौत का कारण: दीवार ढही, तीन श्रमिकों की जान गई, पांच गंभीर

सिरोही

सिरोही जिले के रोहिड़ा थाना क्षेत्र के भारजा गांव में सोमवार को एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। दोपहर करीब सवा बारह बजे हुए इस हादसे में वहां काम कर रहे आठ श्रमिक दीवार और मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और आबूरोड अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पांच अन्य श्रमिकों का इलाज जारी है, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
 
जानकारी के अनुसार, भारजा गांव निवासी भूराराम पुत्र भूबाराम के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान बन रही नई दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई और उसके नीचे काम कर रहे आठ मजदूर दब गए। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही रोहिड़ा थानाधिकारी माया पंडित और सरूपगंज थानाधिकारी कमलसिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे श्रमिकों को बाहर निकाला गया।

तीन श्रमिकों की मौके पर ही मौत, पांच अस्पताल में भर्ती
घायलों को आबूरोड अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने भारजा निवासी पिपली उर्फ दीपली (40) पत्नी मोयलाराम भील, काली पत्नी चुन्नीलाल और वाटेरा निवासी दिनेश (18) पुत्र ओरसिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल श्रमिकों में वाटेरा निवासी मोगली (21) पत्नी सवाराम, राजू (27) पुत्र देशराम निवासी पावटा फली, भारजा निवासी शैतान (20) पुत्र ओरसिया सहित दो अन्य शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
 
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने किया घटनास्थल का दौरा
जैसे ही हादसे की सूचना प्रशासन तक पहुंची, जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, निर्माण में लापरवाही या तकनीकी खामी के चलते दीवार अचानक गिर गई। प्रशासन की ओर से हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
 
ग्रामीणों में शोक और आक्रोश का माहौल
हादसे के बाद पूरे भारजा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमन लागू किया जाए।

 

 

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