कांवड़ यात्रा से पहले कुबेरेश्वर धाम में हादसा, भगदड़ में गई 2 श्रद्धालुओं की जान

सीहोर 
 मध्य प्रदेश के सीहोर मे स्थित कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मचने से 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि घायलों में कईयों की हालात गंभीर बनी हुई है। घायलों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।

कुबरेश्वेर धाम में मची भगदड़

दरअसल, 6 अगस्त को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में कांवड़ यात्रा निकाली जानी है. यात्रा से पहले सीवन नदी घाट से कुबेश्वर धाम तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हालात यह हैं कि इंदौर भोपाल हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई है. इसी बीच कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मच गई. घटना में घबराहट और अत्यधिक भीड़ के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. जबकि दो महिला गंभीर हैं. वहीं 8 से 10 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया है.

गर्मी और उमस बनी कारण, अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि

शुरूआती जानकारी में बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर के समय कुबेरेश्वर धाम परिसर में बढ़ती भीड़ और गर्मी-उमस के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. यहां अफरा-तफरी और भगदड़ के हालात निर्मित हो गए. इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर है, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीहोर ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.

मृत महिलाओं की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस घटना की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. वहीं, कई अन्य श्रद्धालु भी बेचैनी, घबराहट और चक्कर जैसी समस्याओं से पीड़ित बताए जा रहे हैं. जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल आने की सूचना भी है.
कौन हैं प्रदीप मिश्रा, कुबेरेश्वर धाम से नाता

बता दें पंडित प्रदीप मिश्रा एक मशहूर कथावाचक हैं. वे सीहोर के रहने वाले हैं. उनकी कथा मध्य प्रदेश के साथ-साथ देशभर में आयोजित की जाती है. वहीं सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्री की कथा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां मौजूद शिव मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. वहीं सावन के मौके पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. 17 अगस्त को कांवड़ यात्रा में शामिल होने देश और प्रदेश से श्रद्धालु सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे. हालात यह थे कि सारे होटल, लॉज सब फुल चल रहे हैं.

साल 2023 में भी मची थी भगदड़

गौरतलब है कि कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 16 फरवरी साल 2023 में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भी भगदड़ मची थी. तब एक महाराष्ट्र के नाशिक की 53 वर्षीय मंगल बाई नाम की महिला की मौत हो गई थी. जबकि 4 लोग लापता हुए थे. इसके बाद दूसरे दिन 17 फरवरी को एक 3 साल के बच्चे अमोघ भत्त की मौत हो गई थी. बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को रुद्राक्ष महोत्सव रोकना पड़ा था.

जानकारी के मुताबिक, कल पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा निकलने वाली है। उसके चलते 1 लाख श्रद्धालु अभी तक सीहोर आ चुके हैं।

 

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