भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, अमेरिकी आयात शुल्क की आशंका बनी वजह

मुंबई 
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 308.47 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,710.25 और निफ्टी 73.20 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,649.55 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 225.50 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,206.85 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 28.85 अंक या 0.16 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,864.55 पर था। निफ्टी में आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स लाल निशान में थे, जबकि मेटल, ऑटो और कमोडिटी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में टाइटन, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एसबीआई, एलएंडटी, एचसीएल टेक और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स थे। रिलायंस, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल (जोमैटो), बीईएल, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड और आईटीसी टॉप लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, बाजार के गिरने की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर और टैरिफ लगाए जाने की धमकी को माना जा रहा है।
आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपने नोट में कहा, "क्षेत्रवार रुझान मिले-जुले रहे, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में अपेक्षाकृत मजबूती देखी गई, जबकि ज्यादातर अन्य क्षेत्र नुकसान में रहे। खास तौर पर, तेल और गैस, फार्मा, निर्माण और उपभोक्ता वस्तुओं में भारी गिरावट देखी गई।"
नोट में आगे कहा कि मौद्रिक नीति से पहले बाजार में निवेशकों के बीच सर्तकता देखी गई। सत्र के दूसरे भाग में बैंकिंग शेयरों में बिकवाली हुई।
बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। सुबह करीब 9 बजकर 58 मिनट पर सेंसेक्स 384.11 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के बाद 80,634.61 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 113.80 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,608.95 पर था।

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