आंगनबाड़ी बहनों से राखी बंधवाकर सीएम ने मनाया रक्षाबंधन, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी मौजूद

जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और आंगनबाडी बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को राखी के उपहार स्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बहनों को छाता एवं मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ भी किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को पोषण शपथ भी दिलवाई।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति