एमआईसी बैठक में बड़ा फैसला: पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव तैयार

इंदौर 

लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव एमआईसी में पारित करेंगे और उस प्रस्ताव को परिषद में रखने का निर्णय लिया है।

जल्द अगली परिषद में हम दो-तिहाई बहुमत और जिन मुद्दों पर उनको हटाना जरूरी है उन पर चर्चा करेंगे। पार्षद अनवर कादरी को भी सुनवाई का मौका देंगे। पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव अगली परिषद में लेकर आने का भी एमआईसी में शिकायत के आधार पर निर्णय लिया गया है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अनवर कादरी जैसे पार्षद ने न केवल अपनी पार्षदी का, बल्कि इस निगम और शहर का मान कम करने का काम किया है।

डिविजनल कमिश्नर को भी लिखा लेटर महापौर ने बताया कि कई प्रकरणों के कारण, कब्जों के कारण, लव जिहाद की फंडिंग करने के आरोपों के कारण फरार चल रहा है। इस पार्षद का पार्षद बने रहना न तो शहर हित में है न ही निगम हित में। हमने एक लेटर डिविजनल कमिश्नर को लिखा था कि वह धारा 19 के प्रावधान के तहत तत्काल कार्र‌वाई करें।

वो अपनी कार्रवाई कर रहे होंगे। मैं मानता हूं कि वो कार्रवाई करेंगे, नहीं करेंगे तो इंदौर की जनता और हमारे पार्षद उनसे सवाल जरूर करेंगे, लेकिन जो काम हमारी सीमा में है हम वो करेंगे।

जानलेवा हमले पर 14 साल पहले काटी एक साल की सजा

2011 में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। यह हमला 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन पर किया गया था।

अनवर हुसैन आरोपियों पर चल रहे एक अन्य मामले में गवाह था। पुलिस ने कादरी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए गए थे।

उज्जैन में डकैती का केस, इसी से मिला डकैत नाम

अनवर कादरी पर 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा। अनवर ने इंदौर में भी मारपीट, घर में घुसकर धमकाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया।

अनवर कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी दो बार पार्षद रही है। प्रमोद टंडन के शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अनवर को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी नियुक्त किया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, जेल जाना पड़ा

28 अप्रैल 2025 को अनवर ने इंदौर के वार्ड 58 स्थित बड़वाली चौकी पर पहलगाम हमले के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया था। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कादरी ने 'पाकिस्तान' शब्द बोला, वहां मौजूद उसके कुछ समर्थकों ने 'जिंदाबाद' के नारे लगा दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे।

घटना के वीडियो को लेकर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर अनवर कादरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

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