कोर्ट ने दी राहत: तहव्वुर राणा को पारिवारिक संपर्क और निजी वकील की मंजूरी

नई दिल्ली 
26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी और मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए निजी वकील नियुक्त करने की अनुमति मिल गई है। इसके लिए उसे अपने परिवार से बात करने की इजाजत दी गई है। यह आदेश पाटियाला हाउस कोर्ट ने दिया है। तहव्वुर राणा ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी में उसने मांग की थी कि उसे अपने किसी परिवार के सदस्य से बातचीत करने की अनुमति दी जाए, ताकि वह अपने मुकदमे के लिए एक प्राइवेट वकील नियुक्त कर सके।
कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए कहा कि उसे एक बार अपने परिवार के सदस्य से बात करने की अनुमति दी जाती है ताकि वह बचाव के लिए उचित कानूनी सलाह ले सके और किसी वकील की नियुक्ति कर सके। तहव्वुर राणा, जो कि अमेरिका और पाकिस्तान की नागरिकता रखता है, 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए स्पेशल कोर्ट ने 25 जुलाई को तहव्वुर राणा की याचिका पर सुनवाई की थी। इस मामले में अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जवाब मांगा था। 26/11 मामले के आरोपी तहव्वुर राणा ने अदालत में अपने परिवार से फोन पर नियमित बातचीत करने की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की थी। पटियाला हाउस की एनआईए कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईए से विस्तृत जवाब मांगा था। दिल्ली की अदालत ने तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत को 13 अगस्त तक बढ़ा दिया था।
एनआईए द्वारा राणा के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के बाद न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई। इस आरोपपत्र में राणा का गिरफ्तारी ज्ञापन, जब्ती ज्ञापन और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी शामिल थे। राणा के खिलाफ पहला आरोपपत्र 2012 में दाखिल किया गया था। वहीं, तहव्वुर राणा ने मुंबई अपराध शाखा के सामने कुछ अहम खुलासे किए थे। उसने कहा कि वह पाकिस्तानी सेना का एक भरोसेमंद एजेंट था और 2008 के हमलों के दौरान मुंबई में मौजूद था।

 

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