श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा ने दी रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल 
श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा जी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

अपने संदेश में उन्होंने कहा: "रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति की आत्मा में समाहित एक ऐसा पर्व है, जो भाई-बहन के पवित्र संबंध को आदर, समर्पण और सुरक्षा के सूत्र में बाँधता है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है।"

राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वकर्मा ने इस अवसर पर देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस शुभ दिन पर समाज में समरसता, सौहार्द और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करें। उन्होंने कहा कि "आज जब देश विविध चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को समझे और उसके पालन के लिए सजग रहे।"

उन्होंने विश्वकर्मा समाज के समस्त बंधुओं को भी विशेष रूप से शुभकामनाएं दीं और समाज की एकता, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

इस संदेश के अंत में उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस पावन पर्व को न केवल पारिवारिक उत्सव के रूप में मनाएँ, बल्कि इसे एक राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में भी देखें — जहाँ हम एक-दूसरे की रक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हों।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति