प्रियंका गांधी ने कहा- वोट चोरी पर राहुल गांधी के खुलासे की जांच हो

नई दिल्ली
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से लगाए गए धांधली के आरोप को लेकर चुनाव आयोग फैक्ट चेक ने जवाब दिया है। ईसीआई फैक्ट चेक ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया है। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि अगर राहुल गांधी मानते हैं कि वे जो कह रहे, वह सच है तो उन्हें वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 1960 के 20(3)(बी) के अनुसार घोषणा या शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करके गुरुवार शाम तक देना चाहिए। चुनाव आयोग ने इस शपथ पत्र को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पेश करना चाहिए ताकि आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके। चुनाव आयोग की ओर से आए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रिएक्ट किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने कहा कि वे हलफनामा क्यों मांग रहे हैं?

जांच क्यों नहीं कर रहे- प्रियंका का ईसी से सवाल
केरल की वायनाड सीट कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि 'याचिका के अनुसार, 30 दिनों के भीतर हलफनामा प्रस्तुत किया जा सकता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वे हलफनामा क्यों मांग रहे हैं? अगर कोई जानबूझकर गलती हुई है, तो आपको इसकी जांच करनी चाहिए। आप हमें मतदाता सूची क्यों नहीं दे रहे हैं? आप जांच क्यों नहीं कर रहे हैं? उसके बजाय आप कह रहे कि हलफनामा साइन करके दो। इससे बड़ी शपथ क्या है जो हम सदन में लेते हैं। इससे बड़ी कोई शपथ है जो हमने सदन में ले रखी है।'

'राहुल गांधी इतना बड़ा खुलासा कर रहे…'
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूरे मुद्दे की जानकारी दे रहे हैं। पब्लिक में सबकुछ कर रहे हैं। बता रहे हैं कि देखिए एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट हैं। एक विधानसभा में अंदर इतने फर्जी वोट, जो चुनाव लड़ता है वो समझता है इस बात को। विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा का फर्जी वोट, सोचिए जहां उन्होंने वोट कर दिया वही जीतेंगे।

'वोट चोरी' पर विपक्ष की रणनीति को लेकर क्या बोलीं प्रियंका
प्रियंका गांधी से जब पूछा गया कि आगे विपक्ष की क्या रणनीति होगी। इस पर कांग्रेस नेता ने बताया कि ये इंडिया गठबंधन के नेता तय करेंगे कि आगे इस मुद्दे पर क्या कदम उठाया जाएगा। लेकिन यह सभी लोग समझते हैं कि विधानसभा चुनाव में प्रत्येक मतदाता कितना महत्वपूर्ण है? लगभग 1 लाख मतदाताओं को हटाकर, वे स्पष्ट रूप से तय कर सकते हैं कि कौन जीतता है। वहीं पूरे मामले में बीजेपी नेताओं के जो जवाब आ रहे उससे सब स्पष्ट है।

टीचर वाला उदाहरण देकर चुनाव आयोग को घेरा
प्रियंका गांधी ने कहा कि आप टीचर के पास जाओ और कहो कि मैम चीटिंग हो रही है तो क्या टीचर आपको थप्पड़ मारेंगी? या वो बोलेंगी कि मैं चेक करती हूं क्या हो रहा। वो जांच करेंगी। यहां देखिए क्या हो रहा। जो मांग की जा रही उसकी जांच की जगह उल्टा सीधा बोला जा रहा जो शिकायत कर रहा। यही नहीं उनसे हलफनामा मांगा जा रहा। एफिडेविट साइन करने की बात कही जा रही है। इतना सब कुछ हो रहा और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

 

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति