मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और आयोग की नियुक्तियों के लिए नए आधार तय

भोपाल
मध्‍य प्रदेश में जनवरी-फरवरी, 2024 के बाद से रुकी हुईं राजनीतिक नियुक्तियां यानी निगम, मंडल और आयोग के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां अब फिर प्रारंभ होने जा रही हैं। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए ये नियुक्तियां की जाएंगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा संगठन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री दो बार केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा भी कर चुके हैं। नियुक्तियां एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से होंगी। वर्तमान में निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष संबंधित विभाग के मंत्री हैं या फिर वरिष्ठ अधिकारी।

    प्रदेश में वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 से अधिक नियुक्तियां निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में की थीं।
    चुनावी वर्ष यानी 2023 में फिर नियुक्तियां की गईं। कुछ नए प्राधिकरण बनाए गए।
    मोहन सरकार ने सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद यानी जनवरी-फरवरी, 2024 में निगम-मंडलों के अध्यक्षों को हटा दिया और संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को पदेन अध्यक्ष बना दिया।
    राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर समय-समय पर दबाव भी बनता रहा लेकिन कोई निर्णय न होने की स्थिति में सितंबर 2024 में अधिकारियों के स्थान पर विभागीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दे दी गई।
    तभी से नियुक्तियों को लेकर तब-जब अटकलें लगाई जाती रहीं।

    दरअसल, ये नियुक्तियां संगठन के नेताओं को उपकृत करने का माध्यम मानी जाती हैं। टिकट आदि से वंचित रहे नेताओं को इन नियुक्तियों के बहाने साधा जाता है।
    नियुक्तियां न होने से संगठन में असंतोष भी रहता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हेमंत खंडेलवाल की नियुक्ति के साथ ही एक बार फिर निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्ति की कवायद तेज हो गई है।
    मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम को फिर नई दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से भेंट की। माना जा रहा है कि पिछले दिनों हुए उनके दिल्ली दौरे में कुछ नामों को लेकर सहमति भी बन चुकी है।
    चूंकि, सरकार एक साथ नियुक्ति के पक्ष में नहीं है इसलिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से सूचियां निकाली जाएंगी।
    कुछ नाम ऐसे भी हैं, जिन्हें लेकर यह तय होना बाकी है कि इनकी आगामी भूमिका संगठन में ही निर्धारित की जाए या फिर निगम, मंडल, प्राधिकरण आदि में काम करने का अवसर दिया जाए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति