केदारनाथ यात्रा चार दिन बाद प्रारंभ, हजारों श्रद्धालु हुए रवाना

रुद्रप्रयाग
लगातार वर्षा और केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने के चलते पिछले चार दिनों से बंद केदारनाथ यात्रा शनिवार को शुरू हो गई। शनिवार को दो हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। बीते दिनों वर्षा और जगह-जगह भूस्खलन के चलते यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चार दिन तक केदारनाथ यात्रा पर अस्थाई रूप से रोक लगाई हुई थी। गौरीकुंड व केदारनाथ के बीच हाईवे पर मुनकटिया व इसके आस-पास पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा था, जबकि पहाड़ी से बोल्डर भी गिर रहे थे। गौरीकुंड-केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग पर भी कई जगहों पर वर्षा के चलते बोल्डर गिर रहे थे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अस्थाई रूप से रोक लगा दी थी।
 
मौसम पर निगरानी बनाए हुई थी पुलिस
शनिवार को सोनप्रयाग में सुबह से पुलिस मौसम पर निगरानी बनाए हुई थी। मौसम अनुकूल रहने पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर पुलिस ने यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड जाने की अनुमति दी, जबकि गौरीकुंड से भी पैदल मार्ग की स्थिति का आकलन करने और सभी परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यात्रियों को केदारनाथ जाने की अनुमति दी गई।

सोनप्रयाग से दो हजार यात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। विशेष रूप से सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच संवेदनशील जगहों पर पुलिस सुरक्षा के बीच यात्रियों की आवाजाही कराई गई। कोतवाली निरीक्षक राकेंद्र कठैत ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने पर यात्रियों को सुरक्षा के बीच गौरीकुंड भेजा गया। वहां से भी पैदल मार्ग की स्थिति के अनुसार ही यात्री आगे भेजे गए।

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