बरेली का रूप बदला: सपा के दंगों से अब योगी सरकार की आध्यात्मिक पहचान तक

बरेली
2017 से पहले का समय याद होगा। सपा की सरकार में बरेली दंगों के लिए बदनाम था, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश में विरासत के साथ विकास की गंगा बहाई है। पहले बरेली में जहां हर तीन माह में दंगा होता था, आज नाथ नगरी की आध्यात्मिक पहचान बन गई है। भाजपा सरकार में बरेली को दंगों के लिए नंहीं आध्यात्मिक नगरी के रूप में पहचाना जा रहा है।

बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित होते बरेली के स्वरूप को इस तरह जनसमूह के सामने रखा। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर, धार्मिक स्थलों के विकास और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्राएं निकाले जाने से बरेली की तस्वीर बदल रही है। नाथ नगरी में बाबा अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, वनखंडीनाथ और पशुपतिनाथ मंदिरों को जोड़कर विकसित हो रहे नाथ कॉरिडोर से यहां की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई गति मिली है। शासन ने यहां के धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से संवारने के लिए 62 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही रामनगर किला, दिगंबर जैन मंदिर और जैन तीर्थों के आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई दिशा दी जा रही है।

बरेली को पार्श्वनाथ भगवान की पावन भूमि बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राम, कृष्ण, बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि और तपोभूमि है। आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित कर आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक नेतृत्व में अग्रणी बने। यहां शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है। पूर्व की सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि तब नौकरियों में भाई-भतीजावाद हावी था। आज सरकार योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर नियुक्तियां दे रही हैं।

बरेली में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज और वन प्रोडक्ट पर काम हो रहा है। पुराने अस्पताल भवनों का नवीनीकरण, यूनानी मेडिकल कालेज, हाईवे चौड़ीकरण, बीडीए, नगर निगम और ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाएं शहर के विकास को गति देने का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है, आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बरेली मंडल को विकास की उड़ान मिलने वाली है। विरासत के साथ विकास के सिद्धांत के तहत बरेली समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है। बोले, प्रदेश को माफिया मुक्त और भय मुक्त बनाया है।

जनसभा में इनकी रही मौजूदगी
मंत्री वित्त एवं संसदीय कार्य सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता जेपीएस राठौर, राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण डा. अरुण कुमार, राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय सिंह गंगवार, सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, विधायक फरीदपुर डा. श्याम बिहारी लाल, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ. राघवेंद्र शर्मा, विधायक मीरगंज डॉ. डीसी वर्मा, विधायक नवाबगंज डा. एमपी आर्य, भाजपा ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिला अध्यक्ष बरेली सोमपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति