सहायक प्राध्यापक भर्ती पर रोक, कॉलेजों में गेस्ट लेक्चरर्स से पढ़ाई का जिम्मा

रायपुर

राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पांच हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं उच्च शिक्षा में अभी तक सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा, इस सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही कॉलेज चलेंगे।

कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान 2019 में 1384 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हुई थी। इसके बाद 2021 में शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसर के 595 पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया। अभी तक ये भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चल रही है।

वहीं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का प्रस्ताव अभी तक वित्त विभाग में अटका हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक वित्त विभाग को उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा था मगर अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है।

सहायक प्राध्यापक के इतने पद खाली
बता दें कि सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 5, 315 पद हैं। इनमें से 3,146 पद स्वीकृत हैं और 2,169 पद रिक्त हैं। इसी तरह प्राचार्य के 335 पद स्वीकृत है, इनमें आधे से अधिक पदों पर प्रभारी हैं। नियमित भर्ती नहीं होने से हर साल उच्च शिक्षा विभाग को अतिथि शिक्षकों की मदद लेनी पड़ रही है।

अतिथि व्याख्याताओं को कालखंड के आधार पर वेतन

नई अतिथि व्याख्याता नीति के अनुसार कॉलेजों प्रति कालखंड 40 से 45 मिनट पढ़ाने पर अतिथि व्याख्याताओं को 400 रुपये और सहायक अतिथि व्याख्याताओं को 300 रुपये मिलेंगे। यदि कोई अतिथि व्याख्याता एक दिन में चार कालखंड पढ़ाते हैं तो उन्हें प्रतिदिन 1600 रुपये मिलेंगे। महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये सैलरी उठा सकेंगे। इसी तरह सहायक अतिथि व्याख्याता भी 35,000 रुपये प्रति महीने कमा सकेंगे। खेल अधिकारी और ग्रंथपाल का वेतन 40,000 रुपये होगा।

इतने पदों पर हुई थी स्कूली शिक्षकों की भर्ती
स्कूल शिक्षा विभाग कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 और 2023 में क्रमशः 14,580 और 12,489 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। बावजूद इसके, सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार 15 जून 2025 तक स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,00,180 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 30,561 पद सीधी भर्ती के लिए रिक्त हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सहायक शिक्षक के 81,721 स्वीकृत पदों में से 18,983 पद खाली हैं। सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) के 8,337 में से 1,599, शिक्षक के 61,432 में से 4,384, कृषि शिक्षक के 324 में से 150 तथा व्यायाम शिक्षक के 48,316 में से 5,445 पद रिक्त हैं। वर्तमान में भी कई विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था चल रही है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है।

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