15 अगस्त का नया अंदाज़: स्मार्ट चरखी से पतंगबाजी, अब टाइप-सी से होगी चार्ज

नई दिल्ली

15 अगस्त अब कुछ ही दिन दूर है और बाजार में पतंगों की रौनक दिखने लगी है। पतंगबाजी पसंद करने वालों के लिए इस बार बाजार में कुछ खास आया है। इस बार आप चाहें, तो स्मार्ट चरखी से पेंचे लड़ा पाएंगे। दरअसल आज जब तमाम चीजों में टेक्नोलॉजी की एंट्री हो रही है, तो भला पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली चरखी या जिसे फिरखी भी कहा जाता है, कैसे पीछे रह जाती? इस चरखी को बनाया ही उन लोगों के लिए गया है जिन्हें पतंगबाजी में मजा आता है। यह स्मार्ट चरखी एक हाथ से पतंग उड़ाना बेहद आसान बना देती है। चलिए डिटेल में इसके बारे में बात करते हैं।

क्या है स्मार्ट चरखी?
आज जब फोन से लेकर टीवी तक और घड़ी से लेकर चश्मे तक सब स्मार्ट है, तो जाहिर तौर पर पतंग उड़ाने के लिए काम में आने वाली चरखी में भी टेक्नोलॉजी का समावेश होना ही था। स्मार्ट चरखी, जिसे कि मोटर वाली चरखी भी कहा जाता है एक यूनिक कॉन्सेप्ट है। इसने पतंग उड़ाने वाली एक नॉर्मल सी चरखी को इंटेलिजेंट बना दिया है। यहां इंटेलिजेंट से मतलब है खुद-ब-खुद काम करने वाली। इस चरखी में एक रिचार्जेबल मोटर का सिस्टम फिट किया गया है जो कि मांझे को एक बटन दबाने पर खुद ही लपेट लेती है। इस चरखी को टाइप सी केबल से चार्ज किया जा सकता है और पतंगबाजी के शौकीन लोगों के यह बहुत काम आ सकती है।

कैसे करती है काम?
स्मार्ट चरखी में एक मोटर लगी होती है, जो कि चरखी के हैंडल के छोर पर दिए बटन के जरिए चालू होती है। इसकी मदद से अगर कोई शख्स एक हाथ से पतंग उड़ाना चाहे, तो वह काम भी बहुत आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी को अपने साथ मांझा लपेटने के लिए रखने की जरूरत नहीं रह जाती और आप एक बटन के कंट्रोल से पेंचे लड़ा सकते हैं। बता दें कि इसे चार्ज करने के लिए टाइप सी केबल का इस्तेमाल करना पड़ता है और इसके लिए आप अपने मोबाइल को चार्ज करने वाली केबल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

एक चार्ज में चलेगी कई दिन
एक बार फुल चार्ज होने में इसे डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। एक बार की चार्जिंग के बाद इसे 8 से 10 घंटे तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि एक बार की चार्जिंग आपको दो से तीन दिन की पतंगबाजी का मजा दे सकता है। इस चरखी में हाई क्वालिटी मोटर का भी इस्तेमाल किया गया है।

क्या है कीमत
मोटर वाली ऑटोमैटिक चरखी को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है। हर साइट पर इसका दाम अलग है लेकिन इसे आमतौर पर 2000 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस चरखी का एक फायदा और है कि एक बार खरीदने के बाद यह आपके कई बार काम आ सकती है। इसके अलावा इसकी बैटरी को यूजर भी आसानी से रिप्लेस कर सकता है। ऐसे में लंबे समय तक इस चरखी को इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यह चरखी पूरी तरह से मेड इन इंडिया भी है।

  • admin

    Related Posts

    चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

    कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

    AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

    नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति