धीरेंद्र शास्त्री के बयान के पक्ष में उतरीं उषा ठाकुर, बोलीं धर्मांतरण रोकना सभी का कर्तव्य

इंदौर
 पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा लव जिहाद को लेकर दिए गए बयान का मामला भले ही तूल पकड़ता जा रहा है लेकिन पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बाबा बागेश्वर के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री सनातन के साधक हैं. सनातनी बेटियों को जागृत करना उनका धर्म है. उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा था कि दुर्गा बनो, काली बनो बुर्के वाली मत बनो. उषा ठाकुर ने आगे कहा, "धर्मांतरण रोकना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है, जिसे धीरेंद्र शास्त्री बखूबी निभा रहे हैं."
मुस्लिम मातृशक्ति को उषा ठाकुर की नसीहत

दरअसल हाल ही में इंदौर की कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाले बयान को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक बयानबाजी में बुर्के वालियों को घसीटना ठीक नहीं है.

उनके इस बयान पर मंत्री उषा ठाकुर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल सहित मुस्लिम मातृशक्ति को नसीहत दे डाली. उषा ठाकुर ने कहा, "मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को अपने घर के पुरुषों चाहे वो बेटे हों या पति सब पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए. यदि ये निगरानी अच्छी तरह से की जाए तो समाज में लव जिहाद के मामले नहीं आएंगे."

'अपने पुरुषों पर रखें कड़ी निगरानी'

उषा ठाकुर ने कहा, "ये जो मुस्लिम मातृशक्ति है, उसको दृढ़ संकल्पित होना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक का मुद्दा खत्म किया और आपको सम्मान से जीने का अधिकार दिया. अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने पुत्र, अपने पति अपने परिवार के पुरुषों की कठोर निगरानी करें और लव जिहाद जैसे घृणित अपराध में शामिल होने वालों को सरकार और कानून के साथ-साथ मुस्लिम समाज की मातृशक्ति दंडित करें. तभी वह सच्ची मां और महिला कहलाएगी.

हिंदू बेटी की हत्या पर बाबा बागेश्वर की प्रतिक्रिया

दरअसल, पूरा मामला यह है कि बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बुरहानपुर में एक हिंदू बेटी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं. दूषित मानसिकता वाले कुछ लोग हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ घृणित कार्य करते हैं. यदि उनके मकसद पूरे नहीं होते हैं तो बेटियों की हत्या तक कर देते हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू बेटियों से अपील की और कहा था कि दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो. अब इस बयान को लेकर राजनीति गरमाई हुई है.

माफी मांगे धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाली बयान पर इंदौर के खजराना से कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धीरेंद्र शास्त्री, प्रज्ञा ठाकुर और कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था कि बुर्का पहनना कब से अपराध बन गया. इसके अलावा कांग्रेस पार्षद ने धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाली बयान को मुस्लिम समाज की महिलाओं का अपमान बताया. साथ ही उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को माफी मांगने की सलाह दी थी.

कांग्रेस पर साधा निशाना

पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक समुदाय को वोट बैंक समझने का आरोप लगाया था. इस आरोप पर भी पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा, "कुछ दलों ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया. मुस्लिम समाज को अपना मूल्य खुद समझना होगा. आपको साइकिल पंचर जोड़ने से आगे नहीं बढ़ने दिया. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने जितनी भी लोक कल्याणकारी योजनाएं बनाई, वे बिना भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी के लिए लागू की हैं."

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