पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: प्रदीप पटेल के छत पर हर महीने बन रही 350 से 400 यूनिट बिजली

बिजली बिल भी घटकर एक तिहाई से भी कम हुआ

रायपुऱ
छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से समान्य नागरिक भी अब बिजली उत्पादक बनते जा रहें है। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर पावर प्लांट लगाने से लोगों की बिजली की समस्या का समाधान तो हो ही रहा है, साथ ही उपयोग के बाद बची हुई बिजली को बेचकर उन्हें अच्छा-खासा फायदा भी हो रहा है। रायगढ़ के सावित्री नगर में रहने वाले श्री प्रदीप पटेल भी ऐसे ही एक बिजली उत्पादक बन गये है। श्री प्रदीप पटेल ने अपने घर पर 3 किलोवॉट का सौर पैनल स्थापित कर बिजली बिल से राहत पाई है। यह पैनल सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाया गया है। इसमें उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 रुपए और राज्य सरकार से 30,000 रुपए की मिलाकर कुल एक लाख आठ हजार रूपए की सब्सिडी मिली है। आवेदन करने के मात्र 10 दिन के भीतर ही सब्सिडी की राशि उनके खाते में जमा हो गई। श्री पटेल के यहां प्रतिमाह 350-400 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उनका औसत मासिक खपत 500 यूनिट है, जिससे उन्हें केवल 100-150 यूनिट का ही बिल चुकाना पड़ता है। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए अन्य नागरिकों से भी इसका लाभ उठाने की अपील की और शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।

जिले के 197 से अधिक घरों में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ जिले में अब तक 197 से अधिक घरों में सौर रूफटॉप सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। इनसे सैकड़ों परिवारों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम से प्रत्येक घर को प्रतिमाह औसतन 3,000 रुपए से 5,000 रुपए की सीधी बचत हो रही है। योजना से न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा रहा है।

योजना की वित्तीय सहायता और उत्पादन क्षमता
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित 1 किलोवॉट प्लांट में औसतन 120 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन होता है। इसने 30,000 रुपए सब्सिडी केंद्र से और 15,000 रुपए राज्य से प्रदाय किया जाता है। इसी तरह 2 किलोवॉट प्लांट में औसतन 240 यूनिट प्रतिमाह उत्पादन और सब्सिडी केंद्र से 60,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। 3 किलोवॉट प्लांट में औसतन 360 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन एवं केंद्र से 78,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। उपभोक्ता को शेष राशि स्वयं वहन करनी होती है, जो ऋण सुविधा के माध्यम से भी उपलब्ध है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से करें आवेदन
योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दिया जा रहा है। उपभोक्ताhttps://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप या टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में संपर्क भी कर सकते हैं। उपभोक्ता सौर प्लांट स्थापना हेतु वेंडर का चयन स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं।

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