शहर में सफर होगा आसान, ग्वालियर में 60 मिडी ई-बसों की शुरुआत

ग्वालियर 

 ग्वालियर शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए 60 मिडी ई बसें शहर में आ रही हैं। ये दस रूटों पर चलेंगी, लोगों को राहत देंगी। ये लाइन पढ़ने में काफी अच्छी लग रही है। सवाल ये उठता है कि जिस शहर में कार सही तरीके से नहीं चल पा रही, ऑटो, ई रिक्शा ने धमाचौकड़ी मचा रखी है, सड़कों पर गड्ढों का साम्राज्य है, ऐसे में ये बसें कहां और किन हालातों में चल सकेंगी।

इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना चुनौती होगा। सड़कें ठीक करनी होंगी, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ऑटो और ई रिक्शा पर लगाम कसनी होगी।

मिलने वाली हैं ई-बस

पीएम ई-बस योजना के तहत निगम को ई-बस मिलने वाली हैं। ये 9 मीटर की लंबी मिडी ई-बस होंगी, जो संकरे मार्गों से भी होकर गुजर सकेंगी। एक बार में चार्ज होने पर 180 किलोमीटर तक आ-जा सकती हैं। बस की पहली खेप नवंबर-दिसंबर तक शहर में आएगी। अफसरों की मानें तो 2026 से शहर में ई बस चलना शुरू हो जाएंगी। 

ई-बस सेवा के संचालन व संधारण के लिए रमौआ स्थित करीब तीन एकड़ में चार्जिंग स्टेशन, बस डिपो और आईएसबीटी पर दो एकड़ में चार्जिंग स्टेशन व बस डिपो बनाया जाएगा, इसके लिए टेंडर कर दिए गए हैं। ठेकेदार द्वारा 22 रुपए प्रति किलोमीटर और मिनी बसों के लिए 20 रुपए प्रति किलोमीटर लिया जाएगा, देखरेख निगम ही करेगा।

दस रूटों पर चलाई जाएंगी बसें

शहर में बसों को चलाने के लिए दस रूट फाइनल किए गए हैं और बीते दिनों अफसरों ने बस में बैठकर इनका निरीक्षण भी किया था। साथ ही पब्लिक से राय भी मांगी थी। बाद में इन रूटों को फाइनल भी किया जा चुका है। अब बस आते ही इन रूटों पर चलाई जाएंगी।

पहली खेप में शहर में 60 मिडी बसे आएंगी। यह बसें दिसंबर तक शहर में आ जाएंगी और नए साल से यह शहर में चलाई जाएंगी। चार्जिंग स्टेशन व बस डिपो के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।- मुनीष सिकरवार अपर आयुक्त, नगर निगम

संकरे मार्गों पर पहुंच बढ़ेगी

ई बस की नई खेप में विशेष रूप से मध्यम आकार की ई बस आ रही है। ये बस शहर के संकरे और व्यस्त मार्गों के लिए बेहतर विकल्प होंगी। इससे आम आदमी को शहर के अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। संकरे मार्गों पर सिटी बस मिलने से यहां ऑटो, ई रिक्शा और निजी वाहनों का दबाव कम होगा।

ये होने वाले हैं आगामी कार्य

  • -नगर निगम द्वारा रमौआ व जलालपुर स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) में करीब 15.50 करोड़ की लागत से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य करेगा।
  • -रमौआ डिपो पर सिविल वर्क और आंतरिक इलेक्ट्रिकल वर्क 4.29 करोड़ और बसों की चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन पर 7.31 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • -आईएसबीटी में सिविल और आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य पर 1.16 करोड रुपए।
  • -आईएसबीटी डिपो एक्सटर्नल इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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