रायपुर मास्टर प्लान विवाद: रिकॉर्ड 176 शिकायतें, एक क्षेत्र बना विरोध का केंद्र

रायपुर

रायपुर के मास्टर प्लान-2031 में गड़बड़ियों को लेकर 176 शिकायतें आई हैं. इनमें सबसे ज्यादा 56 शिकायतें परसतराई व 24 शिकायतें रावांभाठा से प्राप्त हुई हैं. अलग-अलग इलाकों में 14 सड़कों में गड़बड़ियां होने की शिकायतें हैं. वहीं, सांसद बृजमोहन अग्रवाल व रायपुर पश्चिम क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत के सुझाव भी मिले हैं.

बताया गया है कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की टीम इन शिकायतों को लेखबद्ध व परीक्षण कर गड़बड़ियों को सुधारने की तैयारी में जुट गई है. संचालक नगर तथा ग्राम निवेश और संबंधित विभागीय अधिकारियों के बीच इन शिकायतों व सुझावों पर लगातार विचार-मंथन चल रहा है. गौरतलब है कि वर्ष 2023 में रायपुर का नया मास्टर प्लान लागू के बाद जैसे ही लोगों ने नक्शा देखा, शिकायतों की झड़ी लग गई. तालाब की जमीन पर कॉलोनी, मुख्य सड़कों की चौड़ाई कम, कुछ सड़कें तो गायब दी गईं. विधानसभा में भी यह मामला उठ चुका है.

समिति द्वारा शिकायतों व गड़बड़ियों की जांच के बाद रिपोर्ट नगर तथा ग्राम विभाग के संचालक को सौंपी गई है, लेकिन विसंगतियों को सुधारे बिना ही मौजूदा मास्टर प्लान लागू है. विसंगतिपूर्ण मास्टर प्लान के प्रावधानों के आधार पर ही भवन निर्माण व जमीन विकास की मंजूरी दी जा रही है. विभागीय अधिकारियों की मानें तो मास्टर प्लान की खामियों को जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा.

इन बिंदुओं पर हो चुकी जांच
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के मुताबिक जांच समिति द्वारा फील्ड सर्वे कर 6 अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार गई है. इनमें मिश्रित जोन, आमोद प्रमोद भूमि, जलाशय पर कब्जा, भूमि उपयोग में गड़बड़ी आदि शामिल है.

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