सरकार का निर्देश: स्वतंत्रता दिवस पर मिठाई की सप्लाई करेगी केवल सांची डेयरी

भोपाल 

देशभर सहित पूरे MP में स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन सुबह से ही सरकारी दफ्तरों, स्कूलों में बच्चों और जवानों के बीच अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले में प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण भी किया जाता है। इस दौरान वहां हजारों की संख्या लोग हिस्सा लेने आते हैं। इसके लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी जाती है। जिसका जश्न मध्य प्रदेश के दमोह में भी दिखाई देता है, जब यह मौका मिठाई कारोबारियों के लिए हर साल बड़े ऑर्डर लेकर आता है, लेकिन इस बार सरकार के एक नए फरमान ने मिठाई कारोबारियों को मायूस कर दिया है।

दरअसल, प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया है। जिसके तहत इस बार 15 अगस्त के अवसर पर सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों में ध्वजारोहण के बाद जो मिठाई बांटी जाएगी, वह स्थानीय बाजार से नहीं बल्कि राज्य की सरकारी डेयरी संस्था सांची से खरीदी जाएगी।

प्रदेश सरकार का फैसला

बता दें कि सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए थे कि स्वतंत्रता दिवस के लिए मिठाई की पूरी डिमांड पहले से लेकर सांची को भेजी जाए, ताकि समय पर पेड़े उपलब्ध कराए जा सकें। इसका सीधा असर निजी मिठाई व्यापारियों के कारोबार और हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ा है। जिसे लेकर उनमें आक्रोश भी है।

छिनी रोजी-रोटी

दमोह के मिठाई व्यापारी ने बताया कि 15 अगस्त और 26 जनवरी उनके लिए खास मौके होते थे, जब उन्हें सरकारी संस्थानों से बड़े पैमाने पर बूंदी के लड्डू और पेडो के ऑडर्र मिलते थे, लेकिन इस बार सरकारी आदेश के चलते उन्हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला। बता दें कि मिठाई बनाने के इस काम में हर जिले में सैकड़ों-हजारों मजदूर जुड़ते थे। व्यापारियों का कहना है कि इस बार मजदूरों को बुलाने की जरूरत ही नहीं पड़ी, जिससे उनकी मजदूरी भी छिन गई। व्यापारियों का मानना है कि सरकार चाहती तो सांची को मजबूत करने के अन्य तरीके अपना सकती थी, लेकिन इस तरह निजी कारोबारियों से उनका परंपरागत काम और आय छीन लेना उचित नहीं है।

व्यापारियों ने जताई नाराजगी

दमोह के मिष्ठान भंडार संचालक जगन गुजराती और संतोष चौरसिया ने कहा कि यह फैसला मिठाई कारोबार के लिए झटका है। एक अन्य मिठाई दुकान संचालन आशीष ने बताया कि सालभर में यह मौका खास कमाई का होता था, जो इस बार नहीं मिल सका। वहीं, जेपीबी स्कूल के प्राचार्य डी.के. मिश्रा और मिडिल स्कूल के हेडमास्टर नरेश अहिरवाल ने कहा कि सरकार का यह कदम सांची के उत्पादों को बढ़ावा देगा। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि आदेश प्रदेश स्तर से आया है और उसका पालन अनिवार्य है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति