बंगाली फिल्मों को मिलेगी खास जगह: साल के हर दिन प्राइम टाइम शो अनिवार्य

नई दिल्ली 
पश्चिम बंगाल सरकार ने सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स के बारे में एक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में स्थित प्रत्येक सिनेमा हॉल और प्रत्येक मल्टीप्लेक्स के सभी स्क्रीन (प्रत्येक स्क्रीन) साल में बंगाली फिल्मों के 365 प्राइम टाइम शो या स्क्रीनिंग का आयोजन हर हाल में करें। 
पश्चिम बंगाल सरकार ने सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स के बारे में एक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में स्थित प्रत्येक सिनेमा हॉल और प्रत्येक मल्टीप्लेक्स के सभी स्क्रीन (प्रत्येक स्क्रीन) साल में बंगाली फिल्मों के 365 प्राइम टाइम शो या स्क्रीनिंग का आयोजन हर हाल में करें। इसमें सभी 365 दिनों में कम से कम एक बंगाली शो का अयोजन जरूरी है। अधिसूचना के अनुसार प्राइम टाइम शो का मलब दोपहर 3:00 बजे से रात 9:00 बजे के बीच आयोजित होने वाले शो होते हैं। 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति