श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ग्वालियर का गोपाल मंदिर जगमगाएगा, राधा-कृष्ण होंगे अलंकारों से सुसज्जित

ग्वालियर
ग्वालियर के फूलबाग स्थित 105 साल रियासतकालीन गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्साह के साथ मनाई जा रही है। मंदिर में विराजित श्वेत संगमरकर की राधा-कृष्ण की मूर्तियों का बेशकीमती गहनों से शृंगार किया जाएगा। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज ग्वालियर महापौर की अध्यक्षता वाली कमेटी कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल बैंक के लॉकर से आभूषणों निकालकर लाएगी। इसके बाद भगवान का शृंगार कर आभूषण पहनाकर पूजा-अर्चना होगी, उसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए भगवान के पट खोल दिए जाएंगे। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद कड़ी सुरक्षा में आभूषणों को ले जाकर बैंक लॉकर में रखा जाएगा। इस दौरान 200 पुलिसकर्मी व सीसीटीवी कैमरे लगाकर पल-पल की वीडियो ग्राफी कराई जा रही है।

यह गहने पहनाए जाएंगे
बता दें मूर्तियों का शृंगार सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार, सात लड़ी हार, सोने के तोड़े, सोने का मुकुट, हीरे जड़े कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, 249 शुद्ध मोतियों की माला, राधा का ऐतिहासिक पुखराज और माणिक जड़ित पंख वाला तीन किलो का मुकुट, श्रीजी, राधा के झुमके, सोने की नथ, कण्ठी, चूड़ियां, कड़े, से शृंगार किया जाना है। 
यह बेशकीमती ज्वेलरी सिंधिया रियासत के तत्कालीन महाराजा माधवराव ने 1921 में मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद बनवाई थी। वर्ष 2007 से इन्हें जन्माष्टमी के दिन बैंक लॉकर से निकालकर राधाकृष्ण का शृंगार कर किया जाता है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति