मोरक्को में फीफा की तैयारी के नाम पर कुत्तों की हत्या, वैश्विक स्तर पर गुस्सा

मोरक्को 
जहां एक तरफ भारत में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम्स में रखने पर बहस चल रही है वहीं दूसरी ओर एक और मोरक्को ने एक चौंकाने वाला और क्रूर फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोरक्को में 2030 के फीफा विश्व कप की तैयारियों के नाम पर करीब 30 लाख आवारा कुत्तों को मारने की योजना बनाई जा रही है। इस खबर के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और एनिमल लवर्स ने कड़ा विरोध जताया है।

जानें क्यों मारे जा रहे हैं कुत्ते?
मोरक्को सरकार की यह क्रूर योजना शहरों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाने के लिए बनाई गई है ताकि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान आने वाले विदेशी मेहमानों को कोई समस्या न हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक  इन कुत्तों को ज़हर देकर, गोली मारकर या बिजली के झटकों से मारा जा रहा है। कुछ मामलों में तो उन्हें अमानवीय तरीकों से शेल्टर होम्स में रखकर भी मारा जाता है। यह खबर फैलने के बाद दुनिया की जानी-मानी जानवर संरक्षण कार्यकर्ता जेन गुडॉल ने फीफा महासचिव को एक पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की भी मांग की है।
 
पहले भी हुए हैं ऐसे क्रूर काम
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े आयोजन के लिए कुत्तों को मारा जा रहा हो। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं:

➤ मोरक्को 2022: यहां एक गवर्नर ने कुत्तों की हत्या का आदेश दिया था जिसके बाद बड़ी संख्या में कुत्तों को मारा गया।

➤ रूस 2018: फीफा वर्ल्ड कप से पहले रूस में भी हजारों आवारा कुत्तों को मौत के घाट उतारा गया था जिसका उस समय भी कड़ा विरोध हुआ था।

➤ अन्य देश: ब्राजील, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों में भी कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के नाम पर अक्सर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।

हालांकि इस योजना के सामने आने के बाद पूरी दुनिया के पशु प्रेमियों ने मिलकर मोरक्को सरकार की आलोचना की है। 

 

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