नेतन्याहू की ‘आखिरी जंग’ के बीच अमेरिका का सख्त कदम, गाजावासियों के वीजा पर बैन

वाशिंगटन
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के गाजा पर पूर्ण कब्जे के ऐलान के बाद इजरायली फौज गाजा में आखिरी जंग के लिए उतर चुकी है। इजरायल के बाद अमेरिका ने भी गाजावासियों पर सख्ती दिखाई है। अमेरिका ने गाज़ा के लोगों के लिए विजिटर वीजा तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और इन्फ्लुएंसर लौरा लूमर की शिकायत के बाद उठाया गया है। लूमर ने अमेरिका में दूसरे 9/11 जैसे हमले की आशंका जताई है।

लूमर ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई थी कि घायल फिलिस्तीनी नागरिकों को इलाज के लिए अमेरिका लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह अमेरिका की सुरक्षा के लिए “खतरा” है और चेतावनी दी कि इससे “दूसरे 9/11 जैसे हमले” का खतरा बढ़ सकता है। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “गाज़ा से आने वाले सभी विज़िटर वीज़ा रोके जा रहे हैं। हम हाल में जारी मानवीय-चिकित्सीय वीजा की प्रक्रिया की पूरी समीक्षा करेंगे।”

लूमर के आरोप और निशाना
लूमर ने आरोप लगाया कि फ़िलिस्तीनी “हमास समर्थक” और “मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े” हैं और इनकी मदद क़तर कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों को क़तर एयरवेज़ से अमेरिका लाया गया और “क़तर हमारे देश में जिहादियों को भेज रहा है।” उनका सीधा निशाना अमेरिकी चैरिटी संस्था हील फिलिस्तीन (HEAL Palestine) थी, जिसने हाल ही में 11 गंभीर रूप से घायल गाज़ा के बच्चों और उनके परिजनों को अमेरिका लाकर इलाज की सुविधा दिलाई थी। संस्था ने इसे अब तक का सबसे बड़ा मेडिकल इवैक्युएशन बताया था।

रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन
लूमर की बातों को रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन भी मिला है। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन टॉम कॉटन के दफ़्तर ने इस मुद्दे पर जांच शुरू की। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने तो सीधे लूमर को श्रेय देते हुए कहा— “लौरा ने सही मुद्दा उठाया और हमें सचेत किया, इसके लिए उन्हें बधाई।”

मानवीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया
इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए अमेरिकी संस्था फिलिस्ती चिल्ड्रन रिलीफ फंड ने कहा, “ट्रंप प्रशासन को इस खतरनाक और अमानवीय निर्णय को तुरंत पलटना चाहिए। गाज़ा में तबाह स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच मेडिकल इवैक्युएशन बच्चों की ज़िंदगी बचाने का एकमात्र सहारा हैं।” संस्था ने याद दिलाया कि पिछले 30 वर्षों में हज़ारों फ़िलिस्तीनी बच्चों को इलाज के लिए अमेरिका लाया गया है।

ट्रंप प्रशासन पर लूमर का दबदबा!
भले ही लूमर का कोई आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन ट्रंप प्रशासन पर उनका बड़ा असर माना जाता है। उनकी सिफ़ारिश पर कई वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को हटाया गया। अप्रैल में राष्ट्रपति ट्रंप ने NSA प्रमुख टिमोथी हॉफ और उनकी डिप्टी वेंडी नोबल को लूमर की शिकायत के बाद बर्ख़ास्त किया। जुलाई में उन्होंने एक बाइडेन के समय में अधिकारी की नियुक्ति रुकवाने में भी सफलता पाई थी।

 

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