यूक्रेन-रूस युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान, जेलेंस्की की अमेरिका यात्रा के पीछे छिपा कारण

वाशिंगटन 
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन औरर डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलास्का में बैठक के बाद अब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका पहुंचने वाले हैं। वह सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से बातचीत के बाद खुद ही जेलेंस्की को फोन किया था। जेलेंस्की ने ट्रंप के न्योते पर आभार जताते हुए कहा कि वह सोमवार को अमेरिका पहुंचेंगे। वहीं रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन के मसले पर रूस का ही पक्ष लेने वाले हैं। वह शांति समझौता कराने के नाम पर यूक्रेन के कुछ प्रमुख इलाकों को रूस को सौंपने के लिए जेंलेंस्की पर दबाव बना सकते हैं।

पुतिन ने कहा था कि चार साल तक युद्धविराम के लिए यूक्रेन को डोनबास का त्याग करना होगा। अलास्का में ट्रंप के साथ बैठक से पहले भी रूस ने डोनबास को हथियाने की पूरी कोशिश की। डोनबास के डोनेत्स्क में अभी रूस का नियंत्रण नहीं हो पाया है। वहीं रूसी सेना ने डोनबास के लुहान्स्क पर नियंत्रण कर लिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के बाद ही कह दिया था कि वह फ्रंट लाइन पर मौजूदा स्थिति को भी मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि रूस ने जिन इलाकों पर जबरन कब्जा किया है, उन्हें मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर पुतिन अपनी जिद पर अड़े रहते हैं तो इससे युद्ध रुकने वाला नहीं है।

रूस का कहना है कि अगर यूक्रेन डोनबास को सौंप देता है तो इसके बदले में वह छोटे इलाकों को यूक्रेन को लौटा दिया जाएगा। ट्रंप और पुतिन की इस जुगलबंदी को लेकर यूरोपीय देशों को टेशन हो गया है। अब बात युद्धविराम पर नहीं बल्कि पीस डील पर होने लगी है जो कि वास्तव में एक बिजनेस डील है। अमेरिका की भी नजर यूक्रेन के मिनरल्स पर है। ऐसे में वह किसी तरह यूक्रेन को दबाकर रूस को खुश कर देना चाहता है और पीस डील का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप लूटना चाहते हैं।

युद्धविराम नहीं शांति समझौता चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का शिखर बैठक के बाद कहा कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका पहले युद्धविराम करने के बजाय सीधे शांति समझौता करना है।

ट्रंप ने शिखर सम्मेलन और यूक्रेन एवं यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत के बाद अपने सोशल मीडिया साइट पर लिखा, ‘‘सभी ने यह तय किया कि रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका सीधे शांति समझौता करना है, जिससे युद्ध समाप्त हो जाएगा, न कि केवल युद्धविराम समझौता, जो अक्सर टिक नहीं पाता है।’’

 

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